Friday, March 20, 2026
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जल्द बदलेगी कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम ब्लॉक की तस्वीर

  • बनेंगे नए कार्यालय एडीएम ब्लॉक के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर बनाए जाएंगे तीन मंजिला कार्यालय और न्यायालय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम ब्लॉक की तस्वीर जल्द बदली हुई नजर आएगी। इन जर्जर भवन को ध्वस्त करने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। अंग्रेजों के जमाने में बने इन भवनों को जमींदोज करने के बाद इनकी जगह पर नए तीन मजिंला कार्यालय और न्यायालय बनाए जाएंगे। इन भवनों के 13 कार्यालयों को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए, इसके बाद नए भवनों का निर्माण होगा। जिसमें भूतल पर पार्किंग की सुविधा होगी, जबकि द्वितीय और तृतीय तल पर अधिकारियों के कार्यालय व न्यायालय होंगे।

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अपर जिलाधिकारी नगर, अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति, विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय, अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला अभियोजन अधिकारी, सीआरसी जिला निबंधक, उप संचालक चकबंदी, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, चकबंदी अधिकारी मेरठ और उप निबंधक व सहायक महानिरीक्षक निबंधन के कार्यालयों का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए नक्शे से लेकर बजट प्लान आदि की कार्य हो चुका है। अब जिला प्रशासन इन जर्जर भवनों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है।

इन सभी भवनों को ध्वस्त कर तीन मंजिला नया कार्यालय कांप्लेक्स तैयार किया जाएगा। जिसमें करीब 23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि निर्माण कार्यालय के लिए अभी बजट जारी नहीं हुआ है। फिलहाल जर्जर भवनों को तोड़ने के लिए पैसा जारी हुआ है। नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि बजट जारी होते ही जर्जर व पुराने भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन सभी कार्यालयों को खाली कराकर इन्हें शिफ्ट करा दिया जाएगा। यह पूरा एडीएम ब्लॉक रहने लायक नहीं रहा है।

बारिश के मौसम में कार्यालयों में छत से पानी टपकता है। इसी के साथ हादसे होने की भी चिंता सताती है। सभी भवन जर्जर हाल में हो चुके है। ऐसे में इस भवन को निष्प्रायोज्य घोषित करके शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इसलिए जल्द से जल्द इसका निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक तरफ भवन तोड़ने का कार्य किया जाएगा, दूसरी तरफ निर्माण भी शुरू करा दिया जाएगा। ताकि कार्य भी प्रभावित ना हो। नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि यह भवन तीन मंजिला होगा। जिसमें भूतल पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके अलावा दूसरी और तीसरी मंजिल पर अधिकारियों के कार्यालय और न्यायालय होंगे, ताकि आम जन को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़ें।

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