Monday, March 23, 2026
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परवान चढ़ेगी आधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम और एसपी सिटी आफिस की परियोजना

  • जिला पंचायत से पुलिस विभाग ने निर्माण के लिए मांगी चार हजार वर्ग मीटर भूमि
  • आचार संहिता समाप्त होने के बाद पंचायत अधिकारियों ने प्रक्रिया तेज की, जेई से मांगी रिपोर्ट

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिला पंचायत अधिकारियों ने तिरंगा गेट के पास स्थित भूमि का स्वामित्व पुलिस विभाग को देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस सिलसिले में जेई से उपलब्ध भूमि के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस विभाग ने शहर के मध्य एसपी सिटी कार्यालय के साथ-साथ माडर्न पुलिस कंट्रोल रूम की स्थापना के लिए तिरंगा गेट के पास उपलब्ध जिला पंचायत की चार हजार वर्ग मीटर भूमि देने का अनुरोध किया है।

जिसके अगले चरण में जिला पंचायत ने मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर बस यूनियन से उक्त भूमि खाली कराकर एक पखवाड़ा पूर्व कब्जा लिया जा चुका है। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी पूर्व में बता चुके हैं कि तिरंगा गेट के पास जिला पंचायत की खसरा नंबर 4227 और 4228 रकबा 1068.23 वर्ग मीटर भूमि को मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर बस आॅपरेटर यूनियन ने किराये पर लिया हुआ था।

यूनियन ने किरायेदारी की शर्तों का पालन नहीं किया। जिसके आधार पर जिला पंचायत ने किरायेदारी का अनुबंध रद्द कर दिया। और टीम को भेजकर उपरोक्त भूमि पर कब्जा ले लिया। इस बीच निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

गौरतलब है कि नौचंदी मैदान में तिरंगा गेट के पास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम और एसपी सिटी कार्यालय बनाने के लिए चार हजार वर्ग मीटर भूमि की जिला पंचायत से मांगी है। इस सिलसिले में 14 मार्च को हुई जिला पंचायत बोर्ड बैठक में पुलिस कंट्रोल रूम एसपी सिटी कार्यालय बनाने के लिए पुलिस विभाग को भूमि देने के संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है।

हालांकि पुलिस विभाग ने जितनी मांग की है, उतनी भूमि की उपलब्धता में भी जिला पंचायत खुद को सक्षम नहीं मान रही है। ऐसे संकेत मिले हैं कि चार हजार के बजाय जिला पंचायत अधिकतम दो हजार वर्ग मीटर भूमि पुलिस विभाग को दे सकती है।

तिरंगा गेट के पास उपलब्ध भूमि बस यूनियन को किराये पर दी गई थी, जिसका किराया अदा न किए जाने और अनुबंध आगे न बढ़ने के आधार पर जिला पंचायत ने भूमि पर अपना कब्जा कर लिया है।

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इस बीच आचार संहिता लग जाने के कारण अग्रिम कार्यवाही नहीं हो सकी। आचार संहिता हट जाने के बाद जेई से उपलब्ध भूमि के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। भूमि की उपलब्धता के आधार पर पुलिस विभाग को भूमि का स्वामित्व दिए जाने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। -भारती धामा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मेरठ

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