Friday, March 20, 2026
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आ गई भीषण गर्मी और साथ में लाई बीमारी

  • लोगों के शरीर में पानी की कमी शुरू, जिला अस्पताल में आने लगे मरीज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: अप्रैल का पहला सप्ताह और पारा 37 डिग्री के करीब पहुंच गया। तापमान बढ़ने के साथ बीमारियों ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल के साथ-साथ प्राइवेट चिकित्सको के यहां मरीज आने शुरू हो गए हैं। बच्चों से लेकर बढ़ों तक में पानी की कमी शुरू हो गई है।

अप्रैल की शुरुआत से ही पारे ने ऊंचाइयों को छूना शुरू कर दिया है। रोजाना पारा बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ बीमारियों की आमद भी शुरू हो गई है। लोगों में प्याज की शिद्दत बढ़ गई है, वहीं पानी की कमी भी होने लगी है। मच्छरों ने भी लोगों के मुसीबत खड़ी करने शुरू कर दी है। मच्छरों की रोकथाम के लिए नगर निगम ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। ऐसे में मलेरिया के पांव पसारने की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं।

जिला अस्पताल में उल्टी दस्त, गैस, बदहजमी, चक्कर, सिरदर्द, शरीर में कमजोरी और पानी की कमी के मरीजों में बढ़ोतरी होने लगी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में जहां बड़ी संख्या में मरीज उक्त बीमारियों के पीड़ित पहुंचे वहीं कुछ मरीज इमरजेंसी वार्ड में उपचार करते देखे गए। बच्चों से लेकर बढ़े लोग तक अस्पताल में चिकित्सकों के पास नजर आए।

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इसके अलावा प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भी उक्त बीमारियों से ग्रसित लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। जहां कंसलटेंट फिजीशियन के यहां मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञों के यहां भी मरीजों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है। चिकित्सक मरीजों का खाने पीने में एहतियात बराने की सलाह दे रहे हैं।

सूती और ढीले कपड़े पहनें: डा. तनुराज

वरिष्ठ फिजीशियन डा. तनुराज सिरोही का कहना है कि गर्मियां शुरू होने के साथ बीमारियां भी शुरू हो गई हैं। ऐसे में लोग हल्का भोजन लौकी, तौरी, टिंडे आदि सब्जियों खाएं। बासी भोजन न लें। तरबूज और खरबूजा खाएं। सफाई का विशेष ध्यान रखें। धूप में काम न करें। अधिक से अधिक पानी पियें और सूती व ढीले कपडेÞ पहनें। घर में मच्छरों से बचाव का इंतजाम करें। घर में गंदगी जमा नहीं होने दें।

बच्चों को शिकंजी पिलाएं: डा. राजीव

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजीव प्रकाश कहते हैं कि गर्मियों में होने वाली बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। बच्चों को जंक फूड, कई घंटे पूर्व कटे हुए फल, कोल्ड ड्रिंक्स न दें। बच्चों को घर का हल्का भोजन दें। उन्हें पानी उबालकर दें। ग्लूकोज, ओआरएस दें। शिकंजी व मट्ठा पिलाएं। बच्चों को तेज धूप में घर से बाहर निकलने न दें। घर से बाहर का खाना न दें। दिन में कई बार बच्चों के हाथ मुंह को धुलवाएं।

गर्मी @ 35 डिग्री सेल्सियस

मोदीपुरम: गर्मी का सितम लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते पारा 35 डिग्री पर आ गया है। जिसके चलते लोगों को परेशानी होने लगी है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा और लोगों को परेशानी होगी। राजकीय मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 35.3 एवं न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 46 एवं न्यूनतम आर्द्रता 19 दर्ज की गई। हवा का रुख शांत रहा है। बढ़ती गर्मी इस समय लोगों को दिक्कत करेगी। इसलिए सावधानी जरूरी है और इसके लिये खासकर बच्चों और महिलाओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

सीधे धूप से बचें, पानी रखें साथ

मेरठ: मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ा है। ऐसे में लोगों को बीमार होने की स्थिति में बेहतर इलाज देने के लिये तैयार रहने के दावा मेडिकल प्रशासन ने किया है। इसके साथ ही मेडिकल चिकित्सकों ने दिनचर्या और खानपान में बदलाव करके खुद को बीमारी से बचाकर रखने संबंधी उपाय भी लोगों के साथ साझा किये हैं,

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जिनमें सीधी धूप से बचना और मजबूरी में बाहर निकलने की स्थिति में पानी साथ लेकर चलना जरूरी बताया गया है। इधर दवा वितरण काउंटर पर अब भी विभिन्न बीमारियों में दी जाने वाली दवाइयों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होने की बात यहां पहुंचे लोगों न कही हैं।

मेडिकल कालेज में गर्मी के मौसम में बीमार होने पर इलाज के लिये व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान जानकारी मिली कि वार्डों में मरीजों के लिये पंखे, एसी और कूलर आदि की व्यवस्था के साथ ही वाटर कूलर आदि की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। मेडिकल कालेज प्रचार्या प्रो. आरसी गुप्ता ने बताया कि मेडिकल में जितनी भी ओपीडी और वार्ड हैं, सभी में उचित इंतजाम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही काउंटरों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में उचित इंतजाम किये जाने पर भी फोकस है।

बीमार होने से कैसे बचें ?

मेडिकल कालेज की प्रो. आॅफ मेडिसीन संध्या गौतम ने बताया कि दोपहर 12 बजे के लगभग सीधी धूप पड़ती है, जिस कारण बीमारी की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिये इससे बचने का प्रयास करें और अगर निकलना ही पड़े तो पूरे कपडेÞ पहने, पैदल हैं तो छाते का प्रयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने खाली पेट न रहने और बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी। साथ ही बताया कि बाहर का खाना विशेषकर देर तक काटकर रखे फलों का प्रयोग न ही करें तो बेहतर हैं। गर्मी में दही, खीरा, ककड़ी और पानी की मात्रा शरीर में बनाये रखने वाले मौसमी फल और सब्जी खाने की सलाह दी।

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