- अब भी लोगों में दहशत का माहौल, लोगों ने बच्चों को नहीं निकलने दिया घर से बाहर
- सर्च आपरेशन जारी, दूसरे दिन लगाई गई पांच टीमें
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: टीपीनगर के ज्वाला नगर समेत आसपास के इलाकों में तेंदुए की दहशत के चलते रात भर लोग चैन से नहीं सो पाए। वहीं वन विभाग की टीम पूरी रात तेंदुए की तलाश करती रही और रविवार की सुबह एक बार फिर से वन विभाग टीम ने कांबिंग आॅपरेशन शुरू किया।
शुक्रवार की देर रात टीपीनगर क्षेत्र के ज्वाला नगर में तेंदुआ दिखाई देने से शहर में दहशत का माहौल रहा। तेंदुआ शनिवार सुबह सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया था, जिसके बाद पूरे दिन वन विभाग की चार टीम सर्च आॅपरेशन में लगी रही, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

बता दें कि रविवार को डीएफओं राजेश कुमार तथा वन्य जीव विशेषज्ञ एवं पशु चिकित्सा डॉ. आरके सिंह के निर्देशन में एक बार फिर से वन विभाग के लोग पांच टीम लेकर इलाके में पहुंचे और सर्च आॅपरेशन शुरू किया। यह अभियान वन विभाग के मोहन सिंह और वाइल्ड लाइफ कर्मचारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पूरे दिन चलाया गया। डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि रात के समय कॉलोनी में फिर तेंदुआ होने का शोर मचा था,
जिसके बाद सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की गई जिसमें तेंदुआ नहीं एक स्ट्रीट डॉग दिखाई दिया। उनका कहना है कि तेंदुए के लिए सर्च अभियान रात को भी चलाया जाएगा। जिसके लिए अलग से टीम बनाई गई है। कुछ स्थान भी चिन्हित किए गए हैं,जिनमें कैमरे लगाकर निगरानी की जाएगी। यदि तेंदुआ मिलता है तो फिर रेस्क्ूय आॅपरेशन चलाया जाएगा।
दहशत में दिन भर घरों में घुसे रहे लोग
शनिवार को तेंदुआ क्षेत्र में होने की सूचना तेजी से फैलने के बाद जहां लोग घरों से बाहर नहीं निकले वहीं रविवार को भी तेंदुए वाले क्षेत्र में लोग दहशत में रहे और घरों में कैद रहे।

इतना ही नहीं बच्चों को खेलने के लिए बाहर भी नहीं जाने दिया गया। ज्वालानगर की गली नंबर एक से लेकर गली नंबर तीन तक सूनी पड़ी रहीं। लोग दहशत के मारे घरों में ही छिपे रहे। कई लोग तो अपने काम पर जाने के लिए
लगाया जाएगा पिंजरा
ज्वालानगर निवासी अभिषेक के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रात ढाई बजे तेंदुआ गली में घूूमता नजर आया था, जिसकी सूचना शनिवार सुबह वन विभाग अधिकारियों और पुलिस को दी गई थी। इलाके में दो दिन सर्चिंग अभियान चलाया गया लेकिन तेंदुए का सुराग नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रात में तेंदुए का कोई सुराग मिलता है तो पिंजरा लगाया जाएगा।

