जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: ईद-उल-फितर के मौके पर एक बार फिर सिख समाज ने सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की है। अंबाला रोड स्थित ईदगाह के पास पड़ने वाले गुरु नानक बॉयज इंटर कॉलेज को नमाजियों के लिए खोलते हुए वजू और नमाज का विशेष इंतजाम किया गया, जिसकी जिलेभर में सराहना हो रही है।
मौसम विभाग द्वारा ईद के दिन बारिश की आशंका जताई गई थी। ऐसे में यदि ईदगाह में पर्याप्त जगह नहीं मिलती, तो नमाजी वैकल्पिक स्थान पर नमाज अदा कर सकें, इसके लिए पहले से ही व्यवस्था की गई थी। सिख पंजाबी समाज के भाजपा नेता सरदार गुरप्रीत सिंह बग्गा ने इस पहल को लेकर शहर काजी नदीम अख्तर से विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा सांसद इमरान मसूद और एमएलसी शाहनवाज खान से भी इस विषय पर चर्चा की, जिसके बाद सभी की सहमति से यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
हालांकि मौसम साफ़ रहा और इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी। शहर काजी नदीम अख्तर ने सिख समाज की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ईद जैसे पवित्र पर्व पर इस प्रकार का सहयोग आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में सकारात्मक संदेश देता है और सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करता है।
लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सहारनपुर की पहचान हमेशा गंगा-जमुनी तहजीब से रही है और सिख समाज द्वारा किया गया यह कार्य उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।एमएलसी शाहनवाज खान ने भी सिख समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल इंसानियत और भाईचारे का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य समाज में सौहार्द का वातावरण बनाते हैं और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देते हैं।
सिख पंजाबी समाज के वरिष्ठ नेता सरदार गुरप्रीत सिंह बग्गा ने बताया कि यह प्रयास किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए है। उन्होंने कहा कि त्योहार सभी के होते हैं और ऐसे अवसरों पर एक-दूसरे की मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में सहारनपुर के गुरुद्वारा रोड पर हुए दंगे के बाद सिख और मुस्लिम समाज के बीच दूरी पैदा हो गई थी।
उस समय भी सिख समाज ने आगे बढ़कर ईद के दिन गुरु नानक बॉयज इंटर कॉलेज को नमाज के लिए खोल दिया था और वजू व ठंडे पानी की व्यवस्था की थी। उस पहल की भी व्यापक सराहना हुई थी।एक बार फिर सिख समाज की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि आपसी सहयोग और भाईचारे से ही समाज में शांति और सद्भाव कायम रखा जा सकता है।

