- शाम को आई धूलभरी आंधी से गर्मी से मिली राहत,
- लेकिन विद्युत तारों में फाल्ट से कई इलाकों की घंटों बत्ती गुल रही
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मौसम वैज्ञानियों ने जैसा कहा था ठीक वैसा हुआ। शुक्रवार की शाम को छह बजते ही आई तेज आंधी ने आसमान को धूल से भर दिया था। तेज आंधी के बीच आई हलकी बूंदाबांदी से लोगों ने जब राहत लेने की कोशिश की तो आंधी और बारिश दोनों फुर्र हो गई। आंधी के कारण दर्जनों जगी पेड़ की टहनियां टूटकर बिजली के तारों पर गिरी और कई जगहों पर लोकल फाल्ट होने से बिजली गायब हो गई। सिविल लाइन और खड़ौली बिजलीघर से जुड़े इलाकों में पांच घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
शुक्रवार शाम पांच बजे से मौसम बदलना शुरु हो गया था। गर्मी तो थी, लेकिन हवा में लू का असर कम हो रहा था। छह बजते बजते आंधी आनी शुरु हुई और करीब आधा घंटे तक तेज धूल भरी आंधियों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। आंधी की शुरुआत से बिजली चली गई। आंधी के कारण पुलिस लाइन के पास एक पेड़ गिरने से आसपास के इलाकों की बिजली ठप हो गई। हालांकि आंधी को देखते हुए ट्रांसमिशनों से बिजली आपूर्ति रोक दी गई थी।

इसी तरह खड़ौली बिजलीघर के पास तारों पर टहनी गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा कई जगहों पर हुए लोकल फाल्ट ने लोगों को बिजली के सुख से वंचित कर दिया। आंधी के कारण शहर के तमाम हिस्सों में टहनियों के अलावा बैनर और होर्डिंग आदि गिर गए।
मौसम विज्ञानी बारिश की संभावना व्यक्त कर रहे थे, लेकिन तेज हवा ने बारिश को लोगों से दूर कर दिया। कई जगहों पर तो रात साढ़े नौ बजे के बाद आपूर्ति चालू हो गई थी, लेकिन कई जगहों पर रात 12 बजे तक आपूर्ति शुरु नहीं हो पाई थी। जिसको लेकर शहरवासियों में भीषण गर्मी को लेकर हाहाकार मच गया।
दिन में गर्मी और शाम को धूल भरी आंधी
तपती और चिलचिलाती धूप ने शुक्रवार को दिन भर लोगों को पसीने-पसीने किए रखा। लगातार बढ़ रही गर्मी ने लोगों को घर में कैद कर दिया है। एसी और कूलर भी गर्मी में इस बार फेल हो गए हैं। मई के महीने में जिस तरह गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। उससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस बार जून के महीने में भी गर्मी का प्रकोप भयंकर रहेगा।
सुबह से लेकर शाम तक गर्मी का भयंकर रूप देखने को मिला, लेकिन शाम के समय तेज धूल भरी आंधी चलने से लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई। जिसके चलते लोग अपने घरों से बाहर शाम के समय निकले। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है कि अभी गर्मी का प्रकोप रहेगा।

हालांकि मौसम में परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। राजकीय मौसम वैधशाला पर शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 54 एवं न्यूनतम आर्द्रता 32 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा का रुख सुबह से लेकर शाम तक शांत रहा, लेकिन शाम के बाद धूल भरी आंधी चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. उदय प्रताप शाही का कहना है कि मौसम में गर्मी का प्रकोप अभी रहेगा, लेकिन बदलाव के भी संकेत मिल रहे हैं। धूल भरी आंधी चलने से लोगों को कुछ हद तक गर्मी से राहत मिली है।
ऐसे तो शहरवासियों को मिल जाएगा बीमारी से छुटकारा
महानगर में इस समय प्रदूषण का स्तर बेहद अच्छा चल रहा है। क्योंकि मौसम में दो दिन पहले हल्की बूंदाबांदी का असर होने के कारण प्रदूषण के स्तर में काफी सुधार हुआ है। तेज हवाओं के चलने के कारण प्रदूषण के कण हवाओं में घुल गए। जिसके चलते प्रदूषण का स्तर कम हो गया है। जो प्रदूषण की मौजूदा स्थिति चल रही है।
अगर यही हाल मई और जून के महीने में रहेगा तो शहरवासियों को बीमारियों से जूझना नहीं पड़ेगा और बीमारी से काफी हद तक राहत भी शहरवासियों को मिलेगी। प्रदूषण विभाग के मौजूदा आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वेस्ट यूपी के आसपास जनपदों से भी इस समय मेरठ में प्रदूषण की बेहतर और अच्छी स्थिति बनी हुई है।
अगर यही हालात आगामी दिनों में भी रहे तो निश्चित ही शहर में बीमारी की रोकथाम कम होगी और लोगों क ा स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। मेरठ में इस समय प्रदूषण की स्थिति 137 है। जो कि सामान्य स्थिति के अनुकूल है। अगर आसपास के जनपदों के आंकड़ों को देखा जाए तो कई हद तक इस समय शहर में प्रदूषण में काफी सुधार है। प्रदूषण में सुधार होने का कारण विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार औद्योगिक फैक्ट्रियों का निरीक्षण करना भी बना है।
क्योंकि काफी हद तक विभाग द्वारा भी प्रदूषण की रोकथाम के लिए इस समय कार्य किया गया है। हालांकि एनजीटी द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए 32 विभागों को शामिल कर ग्रेप सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन यह ग्रेप सिस्टम लागू होने से पहले ही दम तोड़ चुका है।
जिसके चलते इसकी रोकथाम में सिर्फ एक ही विभाग प्रदूषण विभाग सक्रिय दिखाई देता है। अन्य विभाग सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डा. योगेंद्र कुमार का कहना है कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।
जयभीम नगर में अब भी बढ़ा प्रदूषण
मेरठ में जयभीमनगर में अभी भी प्रदूषण बढ़ा हुआ है, लेकिन अन्य दिनों के मुकाबले अब यहां भी प्रदूषण कम हुआ है। हालांकि गंगानगर में सबसे ज्यादा प्रदूषण को लेकर सावधानी बरती हुई दिखाई दी है, लेकिन पल्लवपुरम में काफी हद तक सुधार है। हालांकि खासकर प्रदूषण का कम होना मौसम में बदलाव होने के कारण माना जा रहा है।
इन शहरों में प्रदूषण की स्थिति
मेरठ 132
बागपत 228
गाजियाबाद 217
मुजफफरनगर 160
बुलंदशहर 212
ग्रेटर नोएडा 210
इन स्थानों पर प्रदूषण की स्थिति
गंगानगर 125
जयभीमनगर 144
पल्लवपुरम 139
आंधी मेें गिरा विशालकाय यूनिपोल
मेरठ: शहर में विज्ञापनों के लिए लगाए जाने वाले यूनिपोल से कई लोगों की जान पर बन आती है। आंधी और बारिश के मौसम में इनके गिरने की आशंका अधिक रहती है। अवैध रूप से लगने वाले यूनिपोल से खतरा अधिक रहता है। क्षेत्र में जगह-जगह यूनिपोल लगे हैं। नगर निगम ने यह काम एजेंसियों को दे रखा है।
उसके बदले नगर निगम को राजस्व मिलता है। एजेंसी विज्ञापन लगाकर अपनी आमदनी करती हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जिसमें यूनिपोल का आधार मजबूत नहीं होता है। तेज हवाओं और बारिश में इनके गिरने की आशंका रहती है। अवैध रूप से लगने वाले यूनिपोल से अधिक खतरा रहता है, क्योंकि इनके आधार को मजबूत नहीं बनाया जाता है।

शुक्रवार शाम तेज आंधी के कारण ऊपर लगा यूनिपोल गिर गया और ऊपर ही बिजली के तारों पर अटक गया, लेकिन उसकी चपेट में कई लोग आ गए। नीचे ही साइकिल की दुकान चलाने वाला अमित गोयल ने बताया कि बच्चे कोचिंग खत्म होने के बाद नीचे जमा हो गए। तभी तेज आंधी ने ऊपर लगा होर्डिंग को गिरा दिया। शुक्र तो इस बात का रहा की वह नीचे नहीं गिरा बल्कि ऊपर लगे बिजली के तारों पर ही अटक गया।
बच्चे उसका शिकार होने से बाल-बाल बच गई। वहीं, एक छात्रा को करंट लगने से वह बेहोश हो गई। जिसके बाद कोचिंग संचालक ने उसे पानी पिलाया कुछ देर बाद होश में आई छात्रा को उसके घर पहुंचाया गया। वहीं, यूनिपोल ने करीब एक दर्जन र्इंटों को नीचे गिरा दिया।

