Monday, March 30, 2026
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एक्सप्रेस-वे पर बनेगा स्पोर्ट सिटी का सिंबल

  • 25 लाख रुपये में एमडीए को दिया गया टेंडर, टेंडर प्रक्रिया हुई पूरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: क्रांतिधरा को स्पोर्ट सिटी के रूप में दुनिया भर में जाना जाता हैं। अब इसकी पहचान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के इंटरटेंच पर भी झलक दिखाई देगी। यहां एक सिंबल बनाया जाएगा, जिस पर मूर्तियां कॉलम के ऊपर तैयार की जाएगी। इसका टेंडर मेरठ विकास प्राधिकरण ने कर दिया है।

यह टेंडर करीब 25 लाख रुपये का किया गया हैं। एमडीए के चीफ इंजीनियर देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी हैं। चुनाव आचार संहिता लागू हैं, जिसके चलते इसका काम अभी नहीं चल पा रहा था। आचार संहिता हटने के बाद इस दिशा में काम चालू कर दिया जाएगा।

एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागमन होगा, सभी को ये स्पोर्ट सिटी की झलक रूपी मूर्तियां दिखाई देगी, जो अच्छा संदेश भी जाएगा। क्योंकि दुनिया भर में स्पोर्ट के रूप में मेरठ की पहचान हैं, लेकिन हाइवे से जो गुजरता है, उसे पता ही नहीं लगता कि क्रांतिधरा स्पोर्ट सिटी के रूप में बड़ा अस्तित्व लिये हुए हैं। एक-दो नहीं, बल्कि बड़ी तादाद में स्पोर्ट की फैक्ट्री शहर में स्थापित हैं। विदेशों में भी मेरठ के क्रिकेट के बल्ले और अन्य खेल की वस्तुएं भेजी जाती हैं। बड़ा राजस्व विदेशों से मिलता हैं।

दिव्यांग पार्क: किसान बने बाधा

शताब्दीनगर के सेक्टर एक में मेरठ विकास प्राधिकरण दिव्यांग पार्क का निर्माण कर रहा हैं। इस पार्क का टेंडर 51 लाख रुपये में हुआ हैं, जिसका निर्माण भी ठेकेदार ने आरंभ कर दिया था, लेकिन दिव्यांग पार्क के निर्माण को बीच में ही किसानों ने रुकवा दिया हैं।

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किसान यहां धरना देकर बैठ गए हैं। किसानों का कहना है कि शताब्दीनगर में तभी काम चलने दिया जाएगा, जब किसानों को इसका मुआवजा मिल जाएगा। किसान लंबे समय से मुआवजे की मांग को लेकर शताब्दीनगर में आंदोलित हैं। लगातार किसानों का धरना भी चल रहा हैं। किसानों ने अब दिव्यांग पार्क के निर्माण को भी रुकवा दिया हैं। किसानों से एमडीए के अधिकारी लगातार वार्ता भी कर रहे हैं, लेकिन किसानों ने धरना खत्म नहीं किया।

दरअसल, दो माह के भीतर दिव्यांग पार्क बनाकर देना था। यहां पेड-पौधे लगाये जाने थे। लाइब्रेरी, जिम, पार्थ-वे (टहलने के लिए) पैरा ओलंपिक के खिलाड़ियों की तस्वीर भी यहां पर बनाकर लगाई जानी थी। एक तरह से इस पार्क में केवल दिव्यांग ही टहल सकते थे, इसके लिए ही इसका निर्माण चल रहा था, मगर फिलहाल यह पार्क का निर्माण लटक गया हैं। किसानों ने दो टूक कह दिया है कि जब मुआवजा मिल जाएगा निर्माण चलने देंगे, इससे पहले काम नहीं चलने देंगे।

बदलेगी जेल चुंगी चौराहे की तस्वीर

आचार संहिता हटने के बाद जेल चुंगी चौराहे की तस्वीर बदली-बदली नजर आएंगी। यहां कमिश्नर आवास की तरफ जाने वाले मार्ग का सौंदर्यकरण तो नगर निगम कर रहा हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी की तरफ चौराहे का सौंदर्यकरण मेरठ विकास प्राधिकरण करेगा। इसके लिए एमडीए का टेंडर हो चुका हैं।

अब आदर्श आचार संहिता हटने के बाद इस दिशा में काम चालू कराया जाएगा। एमडीए के चीफ इंजीनियर देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि जेल चुंगी चौराहे की तस्वीर बदलने जा रही हैं। सौंदर्यकरण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चौराहा जेल चुंगी बन जाएगा। हालांकि एमडीए चौराहे पर जो अतिक्रमण है, उसे नहीं हटायेगा। इसकी जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। नगर निगम अतिक्रमण हटाता है तो एमडीए के अधिकारी चौराहे की चौड़ाई भी बढ़ा देंगे, जो ट्रैफिक की दिक्कत है, वह भी देर हो जाएगी।

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