Friday, March 20, 2026
- Advertisement -

बवाल पड़ा भारी, जाती रही लोहियानगर की थानेदारी

  • किशोरी के वीडियो वायरल और आत्महत्या मामले को लेकर एडीजी सख्त नाराज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: किशोरी के आपत्तिजनक वीडियो वायरल और आत्महत्या मामले में लोहिया नगर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को रविवार को हुए बवाल के बाद एडीजी धु्रवकांत ठाकुर की नाराजगी भारी पड़ गई। थाने से हटाकर उन्हें विवेचना सेल में भेज दिया गया। हालांकि विवेचना सेल पर भेजने की कार्रवाई पर भी सवाल हैं, पूछा जा रहा है कि जो किशोरी मामले की विवेचना ठीक प्रकार नहीं कर सके, उन्हें विवेचना सेल क्यों। इस पूरे मामले में इंस्पेक्टर अनिल कुमार की कार्यप्रणाली पर तमाम सवालिया निशान हैं।

मृतका के परिजनों की मानें तो पुलिस चाहती थी कि पोस्टमार्टम न किया जाए ताकि आरोपियों को बचाया जा सके। लोहिया नगर पुलिस डे-वन से आरोपियों को बचाने और मामले को मैनेज करने में लगी रही। मृतका के परिजनों पर आरोपियों से समझौते का जबरदस्त दबाव डालने जैसी महकमे को शर्मसार करने वाली हकरत किए जाने का आरोप है। बाकी के काम छोड़कर लोहिया नगर पुलिस का एक मात्र एजेंडा आरोपियों को बचाने भर का रह गया था। यह बात अलग है कि बाद में मीडिया सुर्खियां बनने से मुख्य आरोपी अंकुर कसाना और बाद में किशोरी के वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने वाले अंकुर के दो दोस्त अक्षय कसाना व उज्जवल कसाना भी जेल भेज दिए गए।

गोकशी नहीं हटने की वजह

लोहियानगर थाना गोकशी के लिए सबसे ज्यादा बदनाम है। रविवार को वहां फिर गोकशी का मामला सामने आ गया। हालांकि कहा जा रहा है कि यह भी हो सकता है कि गोवंश के जो अवशेष मिले हैं, उन्हें देखकर लगता है कि दो दिन पुराना हो, लेकिन यह सच है कि गोकशी की गई। इसको लेकर उन्हें कप्तान ने जमकर फटकारा भी था, लेकिन सूत्रों की मानें तो अनिल कुमार सिंह को हटाए जाने की वजह गोकशी बिलकुल नहीं है। दरअसल, किशोरी मामले को, लेकिन रविवार को जिस प्रकार का माहौल था और मामला एडीजी तक पहुंच गया था। उसके बाद थानेदारी छिनने की पटकथा पर काम शुरू कर दिया गया। गनीमत यह रही कि सस्पेंशन से बच गए।

नहीं लेंगे कोई फीस

किशोरी की मौत के मामले में सीनियर एडवोकेट ओपी शर्मा व रामकुमार शर्मा ने कहा है कि बिटिया का चुनाव लड़ने के लिए वह कोई फीस नहीं लेंगे। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद भले ही देर से ही सही कई सामाजिक संगठनों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

चंदन, वंदन और जोरदार अभिनंदन

लोकतंत्र भी हिन्दी फिल्मों की तरह है। हिन्दी फिल्में...

एलपीजी पर पैनिक होने की जरूरत नहीं

विरोध के नाम विरोध या सत्ता के लालच में...

युद्ध की बदलती तकनीक

विश्व के सैकड़ों देशों के पास अपनी भूमि की...

LPG: ‘अपने सिलिंडर की डिलीवरी पर भरोसा रखें, अफवाहों पर नहीं’- पेट्रोलियम मंत्रालय

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव...
spot_imgspot_img