- गांधी आश्रम चौराहे से नौचंदी मेला स्थल का है मामला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के गढ़ रोड गांधी आश्रम चौराहे पर बिजली विभाग की कारगुजारी की कभी भी पब्लिक खासतौर से यहां से गुजरने वालों को कीमत चुकानी पड़ सकती है। गांधी आश्रम चौराहे से नौचंदी मेला स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर कौने पर ही चार खंभे इतनी ज्यादा बेतरकीब से लगाए गए हैं। यहां से गुजरने वाले तमाम लोग इन चारों खंभों के बीच से होकर गुजरते हैं। खंभों में अक्सर करंट उतर आता है।

करंट उतर आने की वजह से कई बार लोग और बड़ी संख्या में निराश्रित पशु भी हादसे का शिकार हो जाते हैं। दो दिन पहले देहलीगेट थाना क्षेत्र के अहमद रोड पीर वाले तिराहे के समीप अचानक खंभे में उतरे करंट से छू जाने की वजह से एक घोड़ी की मौके पर ही मौत हो गयी थी। जिन खंभों का यहां जिक्र किया जा रहा है वो एक-दो नहीं पूरे चार हैं और पास-पास ही गुजरने के लिए बनाए गए गेट नुमा आकार में लगा दिए गए हैं। इनके बीच से होकर ही लोगों का गुजरना बिना बुलाए खतरे से रूबरू होना है।
ट्रांसफार्मर फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का सामान जला
मेरठ: परतापुर इंडस्ट्रीयल एरिया उद्योगपुरम सेक्टर एक स्थित ट्रांसफार्मर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि लोग फैक्ट्री से बाहर जान बचाकर भागे। आग से फैक्ट्री में रखा लाखों की कीमत का सामान जलकर राख हो गया। हादसे की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। परतापुर थाना क्षेत्र इंडस्ट्रीयल एरिया उद्योगपुरम सेक्टर एक में ज्योतिका इलेक्ट्रोनिक्स कारपोरेशन के नाम से ट्रांसफार्मर के तार बनाने की फैक्ट्री है। फैक्ट्री के मालिक अनिल ग्रोवर हैं।
बुधवार शाम फैक्ट्री में वर्कर काम में व्यस्त थे। तभी गैस सिलेंडर का पाइप फटने पर फैक्ट्री में आग लग गई। आग चंद मिनटों में तेजी से फैली और पूरी फैक्ट्री को अपनी आगोश में ले लिया। इस दौरान फैक्ट्री के वर्करों के बीच अफरातफरी मच गई। फैक्ट्री में आग से बचाव के लिए कोई इंतजाम न होने पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जिसके चलते फैक्ट्री में रखा सामान जलकर राख हो गया। उधर, आग की सूचना फायर ब्रिगेड की चार पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाया,
लेकिन गनीमत रही कि अग्नि हादसे में कोई वर्कर को नुकसान नहीं हुआ। उधर, लोगों ने फैक्ट्री में फायर से बचाव के लिए कोई उपकरण न होने पर नाराजगी जताई। वहीं लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक की लापरवाही के चलते ही आग लगी है। अगर आग से बचाव के लिए कोई ठोस उपाय वहां होते तो आग से बचा जा सकता था।

