- प्राइवेट चिकित्सकों के पास पहुंच रहे बड़ी संख्या में मरीज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना से बचाव को शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले लोग एक बार फिर सहम गए। इसकी वजह इसे बनाने वाले एस्ट्रा जेनेका कंपनी द्वारा उक्त वैक्सीन को वापस लेने का ऐलान करना है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर इस वैक्सीन को लेकर तरह तरह की बातों को फैलाया जा रहा है।
कोविशील्ड लगवाने वाले घबराकर प्राइवेट चिकित्सकों के पास पहुंचकर न सिर्फ अपना संशय दूर कर रहे हैं, बल्कि वे विभिन्न टेस्ट भी करा रहे हैं। कुछ मरीज तो चिकित्सकों से एंज्योग्राफी तक कराने का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि हृदय रोग विशेषज्ञ कोविशील्ड लगवाने वालों को न घबराने की बात बता रहे हैं।
सन् 2019 में विश्वभर में कोरोना वायरस ने पैर पसरे थे। इससे करोड़ों लोग ग्रसित हुए। कोरोना की दूसरी वेव में लाखों लोगों की जान गई। भारत में भी करोड़ों लोग इस वायरस की चपेट में आए, लाखों लोगों की मौत हुई। कोरोना के बचाव के लिए शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने को विभिन्न कंपनियों ने कोरोना वैक्सीन तैयार की। ऐस्ट्रा जेनेका ने कोविशील्ड वैक्सीन की इजाद की। भारत में भारत सीरम इंस्टीट्यूट ने उक्त वैक्सीन को तैयार किया। करोड़ों लोगों को उक्त वैक्सीन लगाई गई।
इसके अलावा कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने बनाया। यह वैक्सीन भी करोड़ों लोगों ने लगवाई। अधिकांश लोगों ने सरकारी अस्पतालों में उक्त वैक्सीन लगवाई गई। कुछ प्राइवेट नर्सिंग होम से भी लोगों को उक्त वैक्सीन को लगाई गई। हालांकि कोरोना वैक्सीन पर अंगुलियां भी उठाई गर्इं। लोगों में तरह तरह की भ्रांतियां थी। पिछले कुछ समय से कुछ लोगों की अचानक इस तरीके से मौत हुई, जैसे किसी साइलेंट किलर बीमारी ने उन्हें चंद सेकेंड में मौत की नींद सुला दिया।
ऐसे में लोगों को शक होने लगा कि यह कोरोना वैक्सीन का रीएक्शन है। कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी एस्ट्रा जेनेका के खिलाफ लंदन की कोर्ट में मुकदमा हुआ। पिछले माह उक्त कंपनी ने कोर्ट में स्वीकार किया कि कोविशल्ड वैक्सीन लगने से मनुष्य के शरीर में खून के धक्के जम सकते हैं। यह मामला मीडिया की सुखियों में छा गया। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणी की गईं। इससे लोग बुरी तरह सहम गए। लोगों को डर लगने लगा कि कहीं उनके शरीर में भी खून के धक्के न बन जाए और वे हार्ट अटैक का शिकार न बन जाएं।
अब एस्ट्रा जेनेका ने कोविशील्ड वैक्सीन को वापस लेने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही पुन: लोगों में सनसनी फैल गई। जिन लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई वे फिर सहम गए। वे हृदय रोग विशेषज्ञों के पास जाकर उनके शरीर में खून के धक्के जमने की शंका जताते हुए विभिन्न टेस्ट करा रहे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ लोगों को न घबराने की बात कहकर उनकी तसल्ली कर रहे हैं, लेकिन लोग इसके बाद भी टेस्ट करा रहे हैं।
कुछ लोगों ने कराए टेस्ट: डा. ममतेश
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. ममतेश का कहना है कि कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले लोग अब डर रहे हैं। उनके पास बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं। वे अपने शरीर में खून के धक्के होने की शंका जता रहे हैं। ऐसे लोगों की शंका को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के टेस्ट कराए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर न डरने की सलाह दी।
डरे हुए लोग करा रहे टेस्ट: डा. अमित जैन
हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अमित जैन का कहना है कि सोशल मीडिया पर कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर पुन: दुष्प्रचार किए जाने से लोग फिर सहम गए हैं। उनके पास बड़ी संख्या में ऐसे लोग आ रहे हैं, जिन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई। वे हृदय संबंधी अनेक तरह के टेस्ट करा रहे हैं। वे लोगों को समझा रहे हैं कि उक्त वैक्सीन के रीएक्शन कई वर्ष बाद नहीं होते। इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं।

