- ढाई लाख न देना पड़े इसलिये टीईटी में साल्वर की व्यवस्था की
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का पदार्फाश कर गैंग के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ओएमआर सीट समेत तमाम दस्तावेज बरामद किये हैं।
एसटीएफ के एएसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि 28 नवंबर 2021 को पेपर लीक होेने के कारण स्थगित की गई परीक्षा जब आज गढ़ रोड स्थित राम सहाय इंटर कालेज में शुरु हुई तो सूचना मिली कि परीक्षा में साल्वर गैंग सक्रिय है। इस पर एसटीएफ की टीम ने छापा मारकर मोनू प्रजापति पुत्र संतपाल निवासी पट्टी चौधरान बाबली रोड, बड़ौत (सरगना), अनिल कुमार पुत्र राजपाल निवासी ख्याजपुर अशरफपुर थाना औरंगाबाद, बुलन्दशहर (वास्तविक अभ्यर्थी) राजा तोमर पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम गूँगाखेडी, थाना रमाल, बागपत को गिरफ्तार कर उनके पास से 10 एडमिट कार्ड की छाया प्रति,1 आधार कार्ड, एक मार्कशीट और 1 पैनकार्ड और एक ओएमआर सीट बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इंटर के छात्र ने 50 हजार देकर बैठाया साल्वर
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में इंटर के छात्र ने 50 हजार रुपये में साल्वर की व्यवस्था की थी, क्योंकि उसे अपने साथी के ढाई लाख रुपये देने थे।एएसपी एसटीएफ ब्रजेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त मोनू प्रजापति ने पूछताछ पर बताया कि वह कक्षा 12वीं पास है। जब वह इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए बड़ौत में ट्यूशन के लिए कोचिंग जाता था तो वही पर कोचिंग में बड़ौत, जनपद बागपत निवासी शहनवाज का भाई भी ट्यूशन पढ़ने के लिए आता था और शहनवाज परीक्षाओं में धांधली करके छात्र को पास कराने का काम पूर्व से कर रहा था।
उसने (मोनू प्रजापति) वर्ष 2016 में रेलवे की ग्रुप डी की भर्ती के लिए फार्म भरा था और परीक्षा में पास कराने के लिए उसने (मोनू प्रजापति) शहनवाज को ढाई लाख रुपया दिये थे, लेकिन शहनवाज परीक्षा में पास नहीं करा पाया था। उसके बाद यह शहनवाज के कहने पर परीक्षाओं के लिए लोगों को लाने का काम शहनवाज के लिए करने लगा तथा धीरे-धीरे शहनवाज के साथ परीक्षाओं में धांधली करने का कार्य भी करने लगा। बताया कि वर्ष 2018 में शहनवाज परीक्षा में धांधली कराने के आरोप में जेल भी जा चुका है।
मोनू प्रजापति भी बताया कि जनपद बुलंदशहर में जहां अनिल कोचिंग करता था वहीं एक अध्यापक ने अनिल की मुलाकात उससे करायी थी। उसके बाद अनिल ने आरपीएफ का पेपर पास कराने के लिए मोनू को ढाई लाख रुपये दिए थे, परन्तु नहीं हो पाया था। उन्हीं रुपयों के बदले में मोनू प्रजापति ने टीईटी की परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी अनिल के स्थान पर सॉल्वर राजा तोमर पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम गूंगाखेड़ी, थाना रमाल, बागपत को परीक्षा में बैठाकर पेपर हल करा रहा था।
मोनू प्रजापति ने यह भी बताया कि वर्ष 2020 में राजा अपने एक दोस्त के माध्यम से उससे मिला था, जो कस्बा बड़ौत में रहकर पढ़ाई कर रहा था तथा परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था। उसने ही राजा तोमर को अनिल के स्थान पर परीक्षा देने के लिए बात कही थी, जिसकी एवज में मोनू ने राजा को 50 हजार रुपये देने तय किए थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना नौचंदी में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

