Friday, March 13, 2026
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रिटायर्ड फौजी की हत्या करने जा रहे महिला समेत तीन शूटर गिरफ्तार

  • मुठभेड़ में गोली लगने से एक बदमाश घायल, थानाध्यक्ष बाल-बाल बचे
  • जेल में बंद फौजी के भाई ने दी थी हत्या की सुपारी

जनवाणी संवाददाता |

बागपत: थाना छपरौली क्षेत्र के गांव लूम्ब में रिटायर्ड फौजी की हत्या करने जा रहे फौजी की भाभी समेत चार लोगों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। फौजी की हत्या के लिए जेल में बंद उसी के भाई ने दो लाख रुपये की सुपारी दी थी।

इस दौरान हाथ में गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से तीन तमंचे व तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए महिला समेत तीन बदमाशों को गुरूवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया गया।

गुरूवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी अभिषेक सिंह ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2018 में थाना छपरौली के गांव लूम्ब में जमीन के विवाद के चलते प्रदीप पुत्र गणेशी ने अपनी पत्नी व दो पुत्रों के साथ मिलकर अपने भाई सुधीर की हत्या कर दी थी और शव को उठा ले गए था।

आरोपियों के अनुसार उन्होंने सुधीर का शव गंगनहर में डाल दिया था। उसका शव आज तक भी बरामद नहीं हो सका है। इस मामले में प्रदीप व उसकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले की मृतक का छोटा भाई संजीव फौजी पैरवी कर रहा था।

आरोपी महिला घटना के करीब चार माह बाद ही जमानत पर जेल से बाहर आ गई थी। एसपी ने बताया कि जेल में बंद प्रदीप ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर फौजी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई । इस कार्य को अंजाम देने के लिए प्रदीप की पत्नी जमानत पर छूटने के बाद ही लग गई।

करीब दो माह पूर्व रिटायर होने बाद फौजी घर आ गया था। उसकी हत्या के लिए उसने उसके साथ जेल में बंद रहे दीपक निवासी हेवा से सम्पर्क किया और फौजी की हत्या के लिए उसे दो लाख रुपये की सुपारी देना तय किया। एसपी ने बताया कि बुधवार को शाम करीब 5.30 बजे पुलिस को लूम्ब के जंगल में कुछ बदमाशों को देखे जाने की सूचना मिली।

सूचना के बाद पुलिस ने गांव लूम्ब में घसौली नहर की पटरी से मुठभेड़ के बाद दीपक उर्फ काला, संजीव उर्फ काला पुत्रगण सुरेशपाल व अनुपमा पत्नी प्रदीप निवासीगण हेवा तथा मोनू पुत्र बिल्लू निवासी हिलवाड़ी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मोनू व संजीव के कब्जे से दो तमंचे व दो कारतूस बरामद किए थे।

तमंचा बरामद कराने के बहान भागने का प्रयास

एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी दीपक तमंचा बरामद कराने के बहाने पुलिस को अपने साथ घसौली के जंगल में ले गयाऔर वहां जाने के बाद उसने खेत से तमंचा निकालकर पुलिस पर फायर करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस ने भी जबाब में गोली चलाई। जिससे गोली दीपक के हाथ में लगी और वह जख्मीं हो गया। इस दौरान बदमाश की गोली थानाध्यक्ष छपरौली की बुलेटप्रुफ जैकेट में फंस गई। जिससे वह बाल-बाल बच गए।

हथियार उपलब्ध कराने वाले की तलाश

एसपी ने बताया कि फौजी की हत्या के लिए प्रदीप के कहने पर पांची निवासी इब्राहिम ने शस्त्र उपलब्ध कराये थे। इब्राहिम की प्रदीप से जल में ही दोस्ती हुई थी।एसपी ने बताया कि अनुपमा ने दीपक, संजीव व मोनू को मंगलवार को पांच हजार रुपये व 315 बोर के कारतूस दिए थे।

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