- रैपिड और मेट्रो संचालन से शहर करेगा आधुनिकता से कदमताल
- वैश्विक यातायात मानचित्र पर दर्ज हो जाएगा मेरठ का नाम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन (रैपिडएक्स) के संचालन के साथ ही शहर आधुनिकता से कदमताल करेगा। शहर के नीचे जब रैपिड और मेट्रो दौड़ेंगी तो जमीन के ऊपर अवसरों की भरमार होगी। कई बड़ी कंपनियों के आउटलेट्स से लेकर प्रॉपर्टी मार्केट मे बूम आएगा और रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।
दरअसल, मेरठ दिल्ली के 82 किलोमीटर लम्बे कॉरिडोर पर तीन स्टैप में काम होना था। पहला स्टैप पूरा हो चुका है। यह प्राथमिक खंड हैं जो कि 17 किलोमीटर लम्बा है और इस खंड पर कुल पांच स्टेशन (साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो) हैं। इस खंड का काम 100 फीसदी पूरा हो चुका है सिर्फ उद्घाटन होना बाकी है। इसकी प्रक्रिया भी चल रही है। उम्मीद है कि इसी माह प्राथमिक खंड पर संचालन शुरू हो जाएगा।
दूसरा स्टैप दिसम्बर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है और इस बात की भी पूरी सम्भावना है कि दूसरा स्टैप पूरा होने तक रैपिड मेरठ की सीमा में प्रवेश कर जाएगी। अन्तिम स्टैप 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद जहां रैपिड अपनी पूरी गति के साथ दिल्ली से मेरठ के बीच दौड़ेगी वहीं मेरठ मेट्रो का सपना भी तब तक आकार ले लेगा। रैपिड और मेट्रो के संचालन के साथ जहां मेरठ आवागमन के वैश्विक मानचित्र पर अपना नाम दर्ज करा लेगा।

वहीं, मेरठ व एनसीआर के लोगों को रोजगार के नए साधन भी मुहैया हो जाएंगे। मेरठ में तीन अंडरग्राउंड स्टेशन (मेरठ सेंट्रल, भैंसाली एवं बेगमपुल) जहां विकास की पटकथा लिखेंगे। वहीं, शहर के नीचे एक साथ दौड़ने वाली रैपिड और मेट्रो शहरवासियों को आधुनिकता से कदमताल करवाएंगी। जहां एक ओर मेरठ सेंट्रल एवं भैंसाली मेट्रो की सुविधा प्रदान करेंगे। वहीं, बेगमपुल स्टेशन मेट्रो के साथ साथ रैपिड की सुविधा भी प्रदान करेगा।
एनसीआरटीसी मेरठ में 23 किलोमीटर के दायरे में 13 स्टेशनों के साथ लोगों को आवागमन की सुविधाएं देने जा रहा है। व्यापार क्षेत्र से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों का मानना है कि जब मेरठ से दिल्ली एक दिन में आठ लाख लोग सफर किया करेंगे तो रोजगार के अवसर बेरोजगारों के पीछे भागते दिखेंगे। यहां यह भी काबिल-ए-गौर है कि जब से रैपिड एवं मेट्रो का काम धरातल पर शुरू हुआ है तब से मेरठ में (कॉरिडोर के इर्द गिर्द) प्रॉपर्टी के दामों में बूम आया है।

