Wednesday, March 25, 2026
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Nag Panchami 2025: कल है नाग पंचमी का पर्व, शिव योग में पूजा करने से दूर होंगे दोष, आएगी खुशहाली

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सावन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि के दिन हर वर्ष श्रद्धापूर्वक मनाया जाने वाला नाग पंचमी पर्व इस बार कई शुभ योगों के संयोग में आ रहा है। इस दिन नाग देवता की पूजा विशेष महत्व रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिपूर्वक नागों की पूजा करने से कालसर्प दोष के अशुभ प्रभावों में कमी आती है। इस पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धालु नाग पूजा, व्रत, और शिव अभिषेक के माध्यम से अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। मान्यता है कि नाग पंचमी पर रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्राप्त होता है।

नाग पंचमी पर बन रहे शुभ संयोग

पंचांग के अनुसार सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 28 जुलाई को रात में 11 बजकर 25 मिनट पर होगा और 29 जुलाई मंगलवार को पंचमी तिथि रात में 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि का अनुसार, नाग पंचमी तिथि 29 जुलाई मंगलवार को ही मनाई जाएगी। इस बार नाग पंचमी तिथि पर शिव योग, रवि योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही इस दिन सावन का मंगलवार होने के कारण इस बार नाग पंचमी पर मंगला गौरी व्रत का संयोग भी है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए जप तप का बहुत शुभ फल मिलता है।

महत्व

पौराणिक मान्यताओं में नाग पंचमी पर्व का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से साधक और उसके परिवार की रक्षा होती है, समृद्धि आती है और सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित होता है। इस दिन नाग देवताओं को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न अनुष्ठान और परंपराएं निभाई जाती हैं।

भविष्य पुराण में आस्तिक मुनि द्वारा यज्ञ से नागों को बचाने की कथा है पुराण के अनुसार आस्तिक मुनि ने यज्ञ की आग में जलते हुए नागों पर दूध से अभिषेक किया था। इससे उन्हें शीतलता मिली और नागों ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि जो भी मनुष्य नाग पंचमी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसे सर्प दंश का भय नहीं रहेगा।

नाग पंचमी के दिन करें ये उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत पंचमी तिथि के स्वामी सर्प हैं। कुंडली में राहु-केतु की स्थिति ठीक न हो तो नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा से लाभ पाया जा सकता है। कुंडली में अगर कालसर्प दोष हो तो ऐसे जातकों को इस दिन नाग पूजा करने से इस दोष से मुक्ति मिल जाती है। कालसर्प दोष कुंडली में तब आता है जब सारे ग्रह राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं। इसके अतिरिक्त राहु-केतु की दशा, अन्तर्दशा या गोचरीय प्रभाव के कारण यदि जीवन में कोई समस्या या बाधा आ रही है तो नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने पर राहु-केतु के दोष का प्रभाव कम हो जाता है।

इन बातों का रखें ख्याल

नाग पंचमी पर नाग देवता को दूध लावा चढ़ाना शुभ माना जाता है। नाग देवता को दूध पिलाना संभव न हो तो किसी शांत एकांत स्थान पर जाकर कटोरी में दूध और लावा रख आएं। नाग पंचमी पर भूलकर भी किसी सांप की हत्या न करें। अगर इस दिन सर्प दिख जाए तो इसे दूर से प्रणाम करके अपना रास्ता बदलकर कहीं और चले जाएं। लेकिन भूलकर भी सांप को परेशान न करें। नाग पंचमी के शुभ अवसर घर में या फिर मंदिर में रुद्राभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है। नाग पंचमी के दिन भगवान शिव को नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।

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