मंगलवार व शुक्रवार को होती है मुलाकात, कैमरों की रहती है निगरानी
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: जेलों से संचालित होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली है। अब जेल में बंद टाॅप टेन अपराधियों की मुलाकात सीधी नहीं हो पायेगी, बल्कि इनकी मुलाकात खास दिनों में एलआईयू की देखरेख व कैमरों की निगरानी में करायी जा रही है। हालांकि यह शासनादेश काफी पुराना है, परन्तु इसका पालन नहीं हो रहा था, पिछले एक माह से कारागार विभाग में इस शासनादेश का पालन सख्ती से कराया जा रहा है।
बता दें कि जिला कारागार अपराधों के संचालन का केन्द्र रहती हैं। बड़े-बड़े अपराधी जेलों में बैठकर अपने गैंग संचालित करते हैं और जेलों के अंदर से ही अवैध वसूली, रंगदारी समेत बड़े-बड़े अपराधों को अंजाम दिया जाता है। काफी दिन पहले जेल से संचालित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए शासनदेश जारी किया गया था कि जेल में बंद टाॅप टेन अपराधियों की मुलाकात एलआईयू व कैमरों की निगरानी में करायी जानी चाहिए, परन्तु यह शासनादेश अमल में नहीं लाये जा रहे थे।
राजूपाल हत्याकांड के बाद अपराधियों की माॅनिटरिंग के लिए एक बार फिर इस शासनादेश का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। एक माह से जिला कारागार मुजफ्फरनगर में इस नियम को लागू कर दिया गया है और सप्ताह में केवल दो दि नही टाॅप टेन अपराधियों की मुलाकात हो रही है।
बता दें कि जिला कारागार मुजफ्फरनगर एक चर्चित जेल है और इस कारागार में नामचीन बदमाशों ने बंद रहते हुए यहां से अपराध संचालित किये हैं। मोबाइल फोन पर अंकुश होने के बावजूद इस जेल में लगातार मोबाइल नेटवर्क चालू रहता है। इस कारागार में न केवल मुजफ्फरनगर, बल्कि शामली के भी शातिर अपराधी बंद हैं।
इस तरह हो रही है टाॅप टेन अपराधियों की मुलाकात
जिला कारागार में बंद टाॅप टेन अपराधियों को चिन्हित कर लिया गया है और यदि उनकी मुलाकात आती है, तो उन्हें केवल मंगलवार व शुक्रवार को ही मिलने की इजाजत मिलती है। जब टाॅप टेन अपराधियों के मुलाकाती मुलाकात के लिए आते हैं तो उनके नाम व पता नोट करने के साथ ही उनकी पूरी जानकारी एलआईयू को उपलब्ध करायी जाती है। मुलाकात के दौरान भी इस बात का ध्यान रखा जाता है कि मुलाकात कैमरों की निगरानी में की जाये।
क्या कहते हैं जेल अधीक्षक
जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बताया कि शासनदेश के अनुसार टाॅप टेन अपराधियों की मुलाकात के दौरान इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि उनकी मुलाकात एलआईयू व कैमरों की निगरानी में करायी जाये, पिछले एक महीने से इसी नियम के तहत मुलाकात करायी जा रही है।