Sunday, August 7, 2022
- Advertisement -
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutसीएम की नाराजगी के बाद दौड़े आला अफसर

सीएम की नाराजगी के बाद दौड़े आला अफसर

- Advertisement -
  • हापुड़ के धौलाना में फैक्ट्री में हुआ हादसा, कमिश्नर और एडीजी घटनास्थल पर पहुंचे, ली जानकारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हापुड़ के धौलाना औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री के ब्वालर के फटने से तेज धमाके के साथ आग लगने से लोगों के मरने की सूचना के बाद भी पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर नहीं गए थे। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दु:ख प्रकट करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाने को कहा तो कमिश्नर और एडीजी से लेकर सभी बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गये। आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है और आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। घायलों को मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।

हापुड़ की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने को जोन और मंडल के अधिकारी सहजता से ले रहे थे और डीएम हापुड़ मेधा रुपम से जानकारी लेकर काम चला रहे थे। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचने के आदेश दिये तभी कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह, एडीजी राजीव सभरवाल, आईजी प्रवीण कुमार आदि धौलाना के लिये निकल गए। फैक्ट्री के हालात देख अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए।

आग लगने की खबर से हापुड़ के आसपास के जनपदों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगा दी गई और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के मंडलायुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक को मौके पर जाकर इन कार्यों के प्रभावी निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने दुर्घटना की जांच विशेषज्ञों से कराने के भी निर्देश दिए हैं। हापुड़ जिले की डीएम मेधा रुपम ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा।

डीएम ने बताया, फॉरेंसिक टीम पता लगा रही है कि निर्माण कारखाने में हुए विस्फोट के बाद कौन-सा केमिकल मिला है। इसके अलावा इस पूरी घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। हापुड़ की डीएम ने बताया कि धौलाना की संबंधित इंडस्ट्रीज को इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का लाइसेंस मिला हुआ था, फिर कैसे विस्फोटक सामान बन रहा था?

इसकी जांच की जाएगी और उसी अनुरूप कार्रवाई होगी। डीएम ने कहा कि फॉरेंसिक टीमें यहां पहुंच गई हैं और सभी के नमूने एकत्र कर रही हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर कमिश्नर, एडीजी और आईजी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। फैक्ट्री में लगे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी के कारण विस्फोट होना बताया जा रहा है। इस मामले में फैक्टी मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

दीवार न गिरती तो सब मारे जाते, मेडिकल में भर्ती नौ मरीज

धौलाना से नौ झुलसे लोगों को मेडिकल कालेज की नई इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। घायल बबलू ने बताया कि दोपहर ढाई बजे के करीब पता नहीं क्या हुआ कि बारुद में विस्फोट होने लगा और पूरी फैक्ट्री उड़ गई। उस वक्त 40 से 50 लोग काम कर रहे थे।

एक एक मिनट हम लोगों के लिये भारी पड़ गया था। विस्फोट के कारण फैक्ट्री की दीवार गिरने से हम लोग भगवान की कृपा से बच गए नहीं तो सब मारे जाते। मेरा भतीजा अभी भी गायब है। मरीजों की मानें तो दोपहर में हुए विस्फोट के करीब दो मिनट बाद ही पूरी फैक्ट्री जमींदोज होकर मिट्टी में मिल गई थी। इमरजेंसी में भर्ती नौ लोगों में चार लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और उन पर खासी नजर रखी जा रही है।

एक मजदूर राजू ने बताया कि विस्फोट होते ही आंखों के सामने अंधेरा छा गया और दीवारें टूटकर गिरने लगी। ऐसा लग रहा था कि ब्वायलर फटने से तबाही हुई है। आंखों के सामने बारुद में धमाका हो रहा था। लोगों के चीखने की आवाजें भी विस्फोट में दब गई थी। विस्फोट के बाद जितने भी लोग बचे हैं वो दीवारें गिरने के कारण बाहर भागने से बचे हैं। बुरी तरह से जख्मी लोगों के परिजनों ने बताया कि फैक्ट्री में विस्फोट के बाद तीन लोगों के शव बाहर आकर गिरे।

यहां हालात दिखे वह दिल दहलाने वाले थे। कई शव ऐसे थे जो आग के कारण कंकाल में तब्दील हो चुके थे। इसके अलावा, कई शव इतने झुलस चुके थे कि उनमें अपने लोगों को ढूंढ पाना और पहचान कर पाना मुश्किल लग रहा था। एक घायल के परिजन आशू ने बताया कि जब उसे विस्फोट की जानकारी मिली तो वो फैक्ट्री से तीन किमी दूर था, उस वक्त जमीन हिलती हुई लग रही थी। जब मौके पर पहुंचा तो आसपास की तमाम फैक्ट्रियों में भी दरारें साफ दिख रही थी।

पटाखों के लिए बन रहा था बारूद

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अवैध पटाखा बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। वसीम कुरैशी नामक युवक की धौलाना में दिल दहलाने वाली घटना हुई। उसमें अवैध पटाखा बनाया जाता था। कुछ लोगों का कहना है कि इसको उच्च अधिकारी छिपा रहे हैं और उपकरण बनाने का कारखाना बता रहे हैं। जिसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है और गंभीर जांच की मांग कर रहे हैं। ताकि 12 लोगों की मौत की सच्चाई पता चल सके।

मेरठ से दो गाड़ियां पहुंची

सीएफओ संतोष राय ने बताया कि हापुड़ में आग लगने से दो गाड़ियां हापुड़ भेजी गई थी, लेकिन उनको बीच रास्ते ही लौटा दिया गया क्योंकि बताया गया कि तब तक आग बुझ चुकी थी।

फैक्ट्री में बनाई जा रही थी प्लास्टिक गन: कमिश्नर

कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि धौलाना में यूपीएसआईडी में वर्ष 2019 में 500 गज में फैक्ट्री बनाई गई थी, मेरठ के दिलशाद ने रुही इलेक्ट्रिक के नाम से फैक्ट्री का संचालन शुरू किया था, लेकिन चार महीने पहले हापुड़ निवासी वसीम ने इसे ठेके पर लेकर प्लास्टिक गन बनाने का काम शुरू किया।

माना जा रहा है कि ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से सोडियम में विस्फोट हो गया। आशंका है कि प्लास्टिक गन के साथ यहां उनकी गोलियां भी बन रही थीं, इसी वजह से इतना भीषण विस्फोट हुआ।

टीन शेड के नीचे रखा था सोडियम: आईजी

आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि फैक्ट्री में एक टीन के कमरे में सोडियम रखा हुआ था। फैक्ट्री के अंदर एक छोटा ट्रांसफार्मर भी रखा था। संभवत: ट्रांसफार्मर से आग लगी और ज्यादा गर्मी से अंदर रखे सोडियम में विस्फोट हुआ है।

हादसे के वक्त काम कर रहे 33 मजदूर फैक्ट्री बंद होने के कारण फंस गए। इनमें से 12 लोगों की जलकर मौत हो गई। जबकि 21 घायलों का मेरठ और गाजियाबाद में इलाज चल रहा है।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
2
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -
- Advertisment -
- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -

Recent Comments