जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सख्त पैरवी के चलते पश्चिमी उप्र में छांगुर बाबा के खास गुर्गे बदर अख्तर सिद्दकी तथा उसके पिता महमूद अख्तर सिद्दीकी पर एसएसपी के आदेश के बाद सिविल लाइन थाने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदर तथा उसके पिता पर षड़यंत्र के तहत आशा नेगी का जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप लगाए गए हैं। इससे बदर अख्तर सिद्दीकी पर पुलिस का शिकंजा कसना प्रारंभ हो गया है।
बदर अख्तर सिद्दीकी मूलत: लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर का निवासी है। नोएडा में जिम में नौकरी के दौरान वहां एयर होस्टेज की पढ़ाई कर रही मेरठ के सरूरपुर खुर्द के गांव की युवती प्रिया का उसने अपहरण कर लिया था। प्रिया के पिता ने सरूरपुर खुर्द थाने पर जुलाई 2019 में बदर अख्तर सिद्दीकी पुत्र महमूद अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके दो दिन बाद सिविल लाइन थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी अनिल नेगी ने मीडिया के सामने बदर अख्तर सिद्दीकी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से बदर को वेस्ट यूपी छांगुर बाबा गैंग का गुर्गा बताया जा रहा है। इस मामले में बृहस्पतिवार को उस समय नया मोड आया जब अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही अपने साथ अनिल नेगी को लेकर एसएसपी आॅफिस पहुंचे। एसएसपी डॉ. विपनि ताड़ा से शिकायत करते हुए अनिल नेगी ने बताया कि वर्ष 2000 में पिता के देहांत के बाद उसकी बहन आशा नेगी की मुलाकात महमूद अख्तर सिद्दीकी से हुई थी। महमूद ने पॉलिसी के लिए आशा के कागजात लिए थे। उसके बाद बदर अखतर सिद्दीकी के फोन आशा के पास आने लगे। फिर, एक दिन आशा ने परिवार की मर्जी के खिलाफ बदर से शादी कर ली। शादी के बाद मां की अक्सर आशा से मोबाइल पर बात होती रहती थी। इसके बाद मई 2019 में आशा ने अपने छोटे भाई को मोबाइल पर फोन कॉल करते हुए बदर अख्तर द्वारा मारपीट करने के आरोप लगाए। साथ ही, कहा कि बदर ने जान से मारने की कोशिश भी की है। तब बदर ने आशा के सिर पर बोतल से हमला किया था। घायल आशा ने अपने फोटो भाई के व्हाट्सएप पर भेजी थी। इसके बाद 22 दिसंबर 2019 को अनिल नेगी के घर दो व्यक्ति आए। उन्होंने अपने आपको बजाज फाइनेंस कम्पनी का कर्मी बताया। साथ ही, आशा का मोबाइल नंबर बताते हुए उसके द्वारा टीवी व आई फोन फाइनेंस कराने की जानकारी दी। साथ ही, बताया कि जो पता दिया था, उस पर अब वह नहीं रह रही है। जब कर्मचारियों ने फाइनेंस कराने वाली युवती के फोटो दिखाए तो वे आशा नेगी के नहीं थे।
हालांकि फाइनेंस के फार्म आशा नेगी के नाम से भरा गया था। इसके बाद बदर अख्तर सिद्दीकी द्वारा आशा नेगी के साथ धोखाधड़ी से जबरदस्ती धर्मांतरण कराने का पता चला। एसएसपी से शिकायत में आरोप लगाए कि बदर अख्तर सिद्दीकी कई हिन्दू लड़कियों को फंसाकर गायब कर चुका है। इसलिए आशा नेगी को लेकर भी उसकी चिंता है। बदर अख्तर सिद्दकी उसके साथ कोई अप्रिय घटना कर सकत है। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा के आदेश पर अनिल नेगी ने बदर अख्तर सिद्दीकी तथा उसके पिता महमूद अख्तर सिद्दीकी पर बीएनएस की धारा-323 तथा उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 1921 की धारा-3 तथा 5(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इन धाराओं में पांच से 14 साल तक की सजा तथा 15 हजार से एक लाख का जुर्माना का प्रावधान है। एसएसपी ने बदर सिद्दीकी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भी गठित की है। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि थाना सिविल लाइन पर गुरुवार को एक व्यक्ति की तहरीर के आधार पर बदर अख्तर सिद्दीकी पर उसकी बहन का जबरन धर्मांतरण कर शादी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस की एक टीम को नोएडा घटना की जांच तथा आरोपी युवक को गिरफ्तार करने तथा युवती की बरामदगी के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट दर्ज न करने वाला एसएचओ सस्पेंड
2019 में जब बदर अख्तर सिद्दीकी, आशा नेगी को जबरन धर्मांतरण कर भगा ले गया था तो उसकी मां ने सिविल लाइन थाने पर बदर अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन सिविल लाइन के तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। अब मामला सुर्खियों में है और निरीक्षक अब्दुल रहमान सिद्दीकी गाजियाबाद में तैनात हैं। जिस पर गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने अब्दुल रहमान सिद्दीकी को एक दिन पहले ही सस्पेंड कर दिया है।

