- पीवीवीएनएल एमडी तक पहुंचा मामला तो रातों रात लगाकर दिया
- घोटाले का आरोप, यूपीपीसीएल चेयरमैन को शिकायत कर जांच कराने की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम बिजलीघर पर लगााया गया 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर बीते छह माह से गायब था। हैरानी तो इस बात की है कि बीते छह माह से लाखों कीमत का यह ट्रांसफार्मर गायब था और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी गयी। इसके पीछे गड़बड़ व घोटाले की आशंका व्यक्त करते हुए एमडी पावर को भी बुधवार को शिकायत भेजी गयी है। इससे पहले मामले की जानकारी एनजीओ चलाने वाले पंड़ित नरेश शर्मा ने पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन को दी।
पं. नरेश शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने पीवीवीएनएल एमडी को बीते छह माह से 10 एमबीए के ट्रांसफार्मर के गायब होने की जानकारी दी तो उन्होंने ऐसे किसी मामले से अनभिता जतायी। बकौल नरेश शर्मा एमडी ने बताया कि बीते एक माह पहले ही उन्होंने चार्ज लिया है। माधवपुरम स्थित बिजलीघर से किसी ट्रांसफार्मर के बीते छह माह से गायब होने की जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने संबंधित अफसरों से इसका पता लगाने की बात कही। साथ ही यह भी कि छह माह से यदि कोई ट्रांसफार्मर गायब था तो इसकी जानकारी अभी तक क्यों नहीं दी गयी।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ क्षेत्र के माधवपुरम बिजलीघर पर लगे 10 एमवीए के पावर ट्रान्सफार्मर बीते छह माह से अपने स्थान पर नहीं। एनजीओ चलाने वालों ने जब वीडियो ग्राफी व अन्य साक्ष्यों के साथ इसकी जानकारी संबंधित अफसरों से हासिल करनी चाही तो आरोप है कि अधिकारियों ने कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दिया। ट्रांसफार्मर लगभग 6 माह से अपने स्थान पर नहीं है कोई भी अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि ट्रांसफार्मर कहां है और किसके आदेश से उसे यहां से क्यों हटाया गया।
ये है नियम
नियम यह है कि यदि ट्रांसफार्मर में कोई खराबी आती है तो तो उसकी सूचना अधीक्षण अभियन्ता भंडार को देनी होती है और वह एमडी ऊर्जा आॅफिस से अनुमति लेकर ट्रांसफार्मर को मरम्मत करने वाली कंपनी को भिजवाया जाता है और मरम्मत करने वाली कंपनी उसके स्थान पर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाती है परंतु वहां ऐसा नहीं हुआ है। इतनी बड़ी कारगुजारी पकड़ में आने के बाद जब इति भ्रष्टाचार संगठन की टीम पीवीवीएनएल से मिली, और उनसे जानना चाहा कि ट्रांसफार्मर कहां है तो उन्होंने बताया कि वह अभी नई आई है
एक महीना ही हुआ है उन्हें यह बताने में कि ट्रांसफार्मर कहां है कम से कम एक सप्ताह लगेगा। बिजलीघर से 10 एमबीए के ट्रांसफार्मर के गायब होने का मामला जब पावर के आला अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। एनजीओ चलाने वाले पं. नरेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर पीवीवीएनएल एमडी से मिलने के बाद एक शिकायत उन्होंने पावर कारपोरेशन के एमडी को भी लखनऊ आन लाइन की। उन्होंने बताया कि जब इसको लेकर इतने बड़े स्तर पर लिखा पढ़ी कर दी गयी तो रातों रात ट्रांसफार्मर लगा दिया गया।
जांच हो तो दूध का दूध पानी का पानी
छह माह तक किसी बिजलीघर का 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर गायब रहना और मामले की शिकायत आला अफसरों तक पहुंचने के बाद रातों रात उसको वहां लाकर लगा दिया जाना, मामले का खुलासा करने वाले पं. नरेश शर्मा का कहना है कि इसकी जांच जरूरी है। जांच में ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

