Friday, March 20, 2026
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पूरे शहर में जबरदस्त चेकिंग अभियान

  • सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने घेरकर चेकिंग की

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पर्व के मद्देनजर पूरे शहर में शनिवार को पुलिस ने जबरदस्त चेकिंग अभियान चलाया। सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने घेरकर चेकिंग की। हालांंकि कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। चेकिंग अभियान एसएसपी के आदेश पर चलाया गया था। जहां रामलीला के मंचन किया जा रहे उन स्थानों के समेत पूरे शहर में प्रमुख मंदिरों से लेकर रोडवेज बस अड्डे व रेलवे स्टेशन खंगाले गए। इस दौरान बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड भी साथ मौजूद रहा। अफसरों का कहना है कि आने वाले दिनों में अभियान तेज होगा। दशहरा और दुर्गा पूजा के मद्देनजर शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

रात में शुरू हुई चेकिंग के बाद शनिवार सुबह से बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड, एलआईयू व एएस चेक टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया। सदर बाजार क्षेत्र में टीमों ने भैंसाली डिपो बस अड्डे से शुरुआत की। टीम के सदस्यों ने संदिग्ध स्थानों को चेक किया। डॉग स्क्वाड ने भी उस क्षेत्र को खंगाला। कुछ बसों के अंदर भी टीम ने चेकिंग की। इसके बाद पूछताछ केंद्र व आसपास भी टीमों ने चेकिंग अभियान चलाया। यहां से टीमें सीधे माता काली मंदिर और बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंच गयी।

यहां भी बम निरोधक दस्ते ने एक एक हिस्से को चेक किया। पुलिस की मौजूदगी से एक बारगी अफरातफरी मच गयी, लेकिन फिर मंदिर के पदाधिकारियों ने लोगों को रूटीन चेकिंग के बारे में बताकर स्थिति को संभाला। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने मंदिर के कोने कोने को खंगाला। करीब एक घंटे तक चारों टीमें यहां मौजूद रहीं। यहां चेकिंग के बाद टीमों ने कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचकर वहां भी चेकिंग अभियान चलाया।

प्रमुख सचिव की नाराजगी से नहीं खुले लिफाफे

मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रोधोगिकी विश्वविद्यालय में शनिवार को प्रबंध परिषद की बैठक बुलाई गई। जिसमें आॅनलाइन जुड़े प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि शिक्षा ने नाराजागी जाहिर की। प्रबंध परिषद की बैठक को 15 दिन पहले एजेंडे सदस्यों को भेजने चाहिए थे, मगर महज 24 घंटे पहले ही सदस्यों को सूचना दी गई थी। बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 29 लिफाफे खुलने थे, जिन्हें खोला नहीं जा सका। काफी दिनों से कृषि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिफाफों को खोलने की तैयारी चल रही थी।

विश्वविद्यालय सूत्रों ने बताया कि नियमनुसार प्रबंध परिषद की बैठक की जानकारी 15 दिन पहले प्रबंध परिषद के सभी सदस्यों कोे एजेंडे के साथ दी जाती है। मगर, शनिवार को होने वाली बैठक की जानकारी विश्वविद्यालय परिसर में भी 24 घंटे पहले शुक्रवार दिन में ही सभी को मिली थी। जिस पर सभी ने ऐतराज किया था। शनिवार को प्रबंध परिषद की बैठक में कुलपति डा. केके सिंह, कुलसचिव डा. रामजी सिंह, वित्त नियंत्रक पंकज कुमार, सदस्य विधायक रफीक अंसारी, बदायूं दातागंज से विधायक राजीव सिंह, अतुल कुमार, देववृत त्यागी, मनीष शुक्ला आदि मौजूद थे।

बैठक में उत्तर प्रदेश में कृषि एवं कृ़षि शिक्षा के प्रमुख सचिव रविंद्र भी आनलाइन जुड़े। सूत्रों ने बताया कि प्रमुख सचिव ने बिना एजेंडे दिए महज 24 घंटे पहले प्रबंध परिषद की बैठक की जानकारी देने पर नाराजगी व्यक्ति की। साथ ही कहा कि जब तक एजेंडे पूरी तरह से किसी को 15 दिन पहले नहीं सौंपे जाते, तब तक बैठक नहीं होनी चाहिए। जिसके बाद जो लिफाफे खुलने थे, वह भी नहीं खोले गए। बैठक को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना होगा।

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