जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वॉशिंगटन डीसी में अफगान मूल के एक व्यक्ति द्वारा नेशनल गार्ड्स पर किए गए हमले के बाद ट्रंप प्रशासन सख्त रुख में नजर आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों से मिली प्रारंभिक रिपोर्टों के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए अब 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों के दस्तावेजों की व्यापक और सघन जांच का फैसला लिया है।
सरकार के इस निर्णय ने उन देशों के ग्रीन कार्ड धारकों में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार जांच प्रक्रिया के दौरान पुराने आव्रजन कागज़ात, यात्रा इतिहास, पृष्ठभूमि और सुरक्षा से जुड़े सभी दस्तावेजों की पुनः समीक्षा की जाएगी।
आरोपी की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई
वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड्स पर हुए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद नाराज हैं। गुरुवार को सामने आई जानकारी के अनुसार हमले के आरोपी की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है। वह अफगानिस्तान का मूल निवासी है और वर्ष 2021 में अमेरिका पहुंचा था। रिपोर्टों के मुताबिक लकनवाल अफगानिस्तान में सीआईए के साथ काम कर चुका था। तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद वह बाइडन प्रशासन की अफगान पुनर्वास नीति के तहत अमेरिका लाया गया था। हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे सीधा आतंकी हमला करार दिया और कहा कि सुरक्षा को लेकर अब और सख्त कदम उठाए जाएंगे। घटना के तुरंत बाद अमेरिकी यूएस सिटीजन एंड इमीग्रेशन सर्विसेज ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि अफगान नागरिकों के सभी लंबित अप्रवासन आवेदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जा रहा है।
यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के निदेशक ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर मैं सभी संबंधित देशों से आने वाले एलियंस के ग्रीन कार्ड की सघन जांच के निर्देश दिए हैं।’ उन्होंने लिखा कि ‘अमेरिका और अमेरिका के लोगों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। अमेरिकी लोग पूर्व की सरकार की बेकार पुनर्वास नीति की कीमत नहीं चुकाएंगे। अमेरिकी लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।’
इन 19 देश के नागरिक होंगे प्रभावित
जिन 19 देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स के दस्तावेजों की जांच का फैसला किया गया है, उनमें अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणतंत्र, इक्वेटोरियल गिनी, एरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला का नाम शामिल है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉशिगंटन डीसी में हमले के बाद देश को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह घिनौना हमला बुराई, नफरत और आतंक का काम था। यह देश और इंसानियत के खिलाफ एक जुर्म था।’ उन्होंने कहा कि हिरासत में लिया गया संदिग्ध व्यक्ति अफगानिस्तान से हमारे देश में आया है, जो धरती पर एक नरक है। इसके साथ ही उन्होंने हमलावर को शरणार्थी स्टेटस के तहत देश में आने देने के लिए पिछली बाइडन सरकार को दोषी ठहराया।

