जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमेरिकी संसद में संघीय सरकार की फंडिंग पर सहमति नहीं बन पाने के कारण देश में एक बार फिर सरकारी शटडाउन हो गया है। ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह पहला मौका है जब फंडिंग बिल पास न हो पाने से सरकारी कामकाज बंद हो गया है। मंगलवार शाम को फंडिंग बिल पर हुए मतदान में बिल को 55-45 के अंतर से समर्थन मिला, लेकिन यह पास नहीं हो सका क्योंकि कम से कम 60 मतों की जरूरत थी। इससे पहले रिपब्लिकन सांसदों ने 21 नवंबर तक सरकार को अस्थायी फंडिंग देने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे डेमोक्रेट सांसदों ने ठुकरा दिया।
क्या है शटडाउन?
अमेरिका में वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अक्तूबर से होती है। हर साल संसद को यह तय करना होता है कि संघीय सरकार को कितना बजट मिलेगा और वह कहां खर्च होगा। यदि तय समय तक फंडिंग बिल पास नहीं होता, तो सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसे नहीं होते और शटडाउन लागू हो जाता है।
विवाद की जड़ क्या है?
इस बार विवाद की मुख्य वजह बनी है ओबामा हेल्थकेयर सब्सिडी। डेमोक्रेट सांसद चाहते हैं कि इस सब्सिडी को बढ़ाया जाए। जबकि सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी इसे खर्च में कटौती के तहत सीमित करना चाहती है।
दोनों पक्षों में बातचीत के कई दौर हुए लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
ट्रंप सरकार पहले से ही संघीय खर्चों में कटौती की नीति पर काम कर रही है, जिससे विवाद और गहरा गया।
शटडाउन का असर क्या होगा?
करीब 7.5 लाख संघीय कर्मचारी बिना सैलरी के काम करने को मजबूर होंगे।
आपात सेवाएं (जैसे मेडिकल, हवाई सुरक्षा, सीमा सुरक्षा) जारी रहेंगी, लेकिन अन्य सेवाएं ठप हो सकती हैं।
नेशनल पार्क, छात्रवृत्ति, स्कूलों को मिलने वाली संघीय मदद, फूड असिस्टेंस प्रोग्राम आदि पर असर पड़ेगा।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा — विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति सप्ताह 0.1% से 0.2% तक GDP में गिरावट आ सकती है।
इतिहास में कितनी बार हुआ शटडाउन?
पिछले 50 वर्षों में 20 बार अमेरिका में शटडाउन हो चुका है।
2018 में सबसे लंबा शटडाउन हुआ था, जो 35 दिन चला था।
2018 में कुल तीन बार, और इससे पहले 2013, 1995, 1990 और 1987 में भी सरकारें बंद हो चुकी हैं।

