जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भूजल का स्तर गिरना नगर निगम के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। महानगर में वाटर लेवल डाउन होने से करीब 40 नलकूपों ने दम तोड़ दिया है। जिससे बड़ी संख्या में मोहल्लों में लाखों लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
महानगर में जल का दोहन लगातार बढ़ता जा रहा है। पानी की मांग बढ़ने के साथ ही वाटर लेवल लगातार गिरता जा रहा है। महानगर के अलग अलग क्षेत्रों में 29 मीटर से लेकर लगभग 40 मीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में महानगर में पानी की सप्लाई करने को लगाए गए नगर निगम के ट्यूबवेल फेल होते जा रहे हैं। नगर निगम के पास 72 ट्यूबवेल 10 एचपी के हैं करीब 180 पांच एचपी के और करीब 500 एक एचपी के ट्यूबवेल हैं। इनमें करीब 40 ट्यूबवेल खराब हो गए। इनमें अधिकांश का प्रेशर इतना कम हो गया कि ग्राउंड फ्लोर के अलावा अन्य मंजिल पर पानी नहीं पहुंच पाता। ट्यूबवेलों के खराब होने से लगभग चार लाख लोगों को पानी की दिक्कत हो रही है। उन्हें ग्राउंड फ्लोर के घरों से पानी लेना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने अपने घरों में ही बोरिंग कराकर पानी की व्यवस्था कर ली है। सुभाष नगर, जाटव गेट, पूर्वा इलाही बख्श, ईश्वरपुरी, सद्दीकनगर, इस्लामाबाद, तारापुरी, भगवतपुरा, गोला कुआं, ढवाईनगर, करीम नगर, जैदीफार्म, श्यामनगर, आशियाना कालोनी, फतेहउल्लाहपुर रोड आदि क्षेत्रों में लोगों को पानी की किल्लत अधिक हो रही है। कई नई कॉलोनियों में भी पानी दिक्कत हो रही है। इनमें माधवपुरम, पल्लवपुरम, विकासपुरी आदि कॉलोनियां भी शामिल हैं। वार्ड-71, 76, 80, वार्ड 81, वार्ड, 90, वार्ड 31 आदि वार्डों के पार्षद नगरायुक्त से उनके क्षेत्र के नलकूपों को रीबोर कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं निकल पाया।
पेयजल सप्लाई में आई दिक्कत
नगरायुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि वाटर लेवल डाउन होने से पेयजल सप्लाई में दिक्कत आ रही है। बड़ी संख्या में ट्यूबवेलों का प्रेशर कम हो गया है। जिन ट्यूबवेलों के मोटर खराब हो गए। उन्हें बदला जा रहा है। रीबोर वालों को ठीक कराने में कुछ समय लगेगा।

