- लाइसेंस थाने में जमा तो फिर हर्ष फायरिंग के लिए कहां से आ रहे हथियार
जनवाणी संवाददाता |
भावनपुर: पचपेड़ा गांव में नामांकन की खुमारी में रात में एक प्रधान प्रत्याशी ने गांव में समर्थकों के बीच पहुंचकर जमकर फायरिंग की। जश्न के नाम पर की गयी अंधाधुंध फायरिंग की कीमत दो मासूमों को चुकानी पड़ी। प्रत्याशी समर्थकों की फायरिंग में दो मासूम बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत नाजुक बनी है।
पचपेड़ा निवासी सोनू पुत्र तुफैल मंगलवार को प्रधानी का पर्चा भरकर साथियों के साथ गांव लौटा था। देर रात गांव में सोनू व उसके साथियों ने विरोधियों में दहशत कायम करने के नाम पर खूब हुड़दंग मचाया गया। इस दौरान हथियार लहराए गए। जमकर फायरिंग की।
सोनू के साथियों द्वारा हर्ष फायरिंग के दौरान एक गोली छोटे बच्चे रिहान पुत्र इमरान के हाथ व कैफ पुत्र मोहम्मद आसिफ की गर्दन पर छर्रे जा लगे। गोली लगते ही खून से लथपथ मासूम वहीं गिर पडेÞ। पूरे गांव में हड़कंप मच गया। फायरिंग कर उधम मचा रहे प्रत्याशी समर्थक भी इधर-उधर हो गए। कुछ ही पलों में पूरे गांव में प्रत्याशी समर्थकों की करतूत की खबर जंगल की आग की तरह फैल गयी।
दोनों बच्चों कोएक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना पुलिस को लगातार सूचना दी जा रही थी परंतु थाना पुलिस मामले को दबाने में जुटी हुई है। सोनू पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें वह सदर थाने में 302 का अपराधी भी है और भावनपुर थाने में सोनू का खास आना-जाना लगा रहता है। जिस कारण अभी तक पुलिस ने उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और थाना पुलिस मामले को दबा रही है। वहीं, दूसरी ओर भावनपुर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। जब लाइसेंसी हथियार जमा करा लिए हैं तो फिर हर्ष फायरिंग में प्रयुक्त हथियार कहां से आए। या फिर यह मान लिया जाए कि भावनपुर क्षेत्र में चुनाव अवैध हथियरों के दम पर लड़ा जा रहा है।
एडीजी, आईजी व एसएसपी सरीखे आला अधिकारी बार-बार लाइसेंस जमा कराने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन पचपेड़ा की घटना से साफ हो गया कि या तो एडीजी के आदेशों का पालन नहीं किया गया या फिर चुनाव अवैध हथियारों के बूते लड़ा जा रहा है।

