Wednesday, March 11, 2026
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Saharanpur News: उलेमा ने कुरान-सुन्नत के अनुसार जीवन जीने पर दिया जोर

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: गंगोह के पुराने और प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थान जामिया अहमद उलूम खानपुर में सालाना आम बैठक आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में उलेमा, सामाजिक हस्तियां और लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दारुल उलूम वक्फ देवबंद के सुपरिंटेंडेंट मौलाना मुहम्मद सुफ़यान कासमी ने संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमान की ज़िंदगी का हर पहलू पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत के अनुसार ढलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरान मुसलमान के लिए एकता, आज्ञापालन और अल्लाह की रस्सी को मजबूती से थामे रहने की हिदायत देता है, लेकिन आज दुनियावी व्यस्तताओं ने इंसान को उसकी असल जिम्मेदारियों से दूर कर दिया है। उन्होंने इबादत, कामकाज और सामाजिक जीवन में दीन को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।

मदरसा फ़ैज हिदायत रहीमी रायपुर के शेख-उल-हदीस मौलाना ताहिर मजाहेरी ने युवाओं, छात्रों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि उम्मत की तरक्की का आधार धार्मिक शिक्षा, नैतिकता और चरित्र निर्माण में है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों की दीनवी शिक्षा पर ध्यान दें, क्योंकि घर ही पहला मदरसा है जहां से एक पीढ़ी की बुनियाद रखी जाती है। उन्होंने लोगों से कुरान और सुन्नत के साथ मजबूत रिश्ता कायम करने और मस्जिद-मदरसे से जुड़ाव बढ़ाने की अपील की।

बैठक में मौलाना अनवर गंगोही, मौलाना डॉ. अब्दुल मलिक मुगीसी, मौलाना अब्दुल खालिक मुगीसी, शाह अतीक अहमद रायपुर, मौलाना मुनव्वर कैराना, मौलाना मुशर्रफ रशीदी, मुफ्ती मुदस्सर मजाहेरी और हाफिज नवाब सहित कई उलेमा ने मौजूदा हालात पर रोशनी डालते हुए समाज सुधार की जरूरत बताई। बीमारी के कारण ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मदरसे के संरक्षक मौलाना हकीम अब्दुल्ला मुगीसी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, उनका संदेश सभा में पढ़ा गया।

कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुहम्मद सुफियान की तिलावत से हुई। अध्यक्षता मौलाना मुहम्मद सुफियान कासमी ने की और संचालन मुफ्ती साबिर कासमी ने किया। अंत में संस्था के प्रमुख मौलाना मुफ्ती मुहम्मद इमरान कासमी ने मदरसे की वार्षिक रिपोर्ट पेश की और सभी मेहमानों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में मौलाना मुहम्मद सादिक मजाहेरी, मौलाना आमिर मजाहेरी, मौलाना शमशेर कासमी, मुफ्ती वासिल, मौलाना इदरीस नदवी, कारी मुहम्मद शौकीन अल-हुसैनी, मुफ्ती अब्दुल खालिक माजरी, मौलाना इरफान कासमी, मौलाना ओसामा सिद्दीकी, कारी मुहम्मद साद, कारी आलमगीर, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष चौधरी मुजफ्फर अली, ज़ीशान एडवोकेट, सलीम अख्तर एडवोकेट, नसीम वकील, राशिद प्रधान, हाजी जमशेद प्रधान, चौधरी ताहिर और याकूब प्रधान समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में मौलाना मुबारक कासमी, मुफ्ती शान आलम गंगवार, मुफ्ती मनसफ गंगोही, मुफ्ती इरफान कासमी, मुफ्ती इंतजाम मिफ्ती, शाहनवाज जमी और मौलाना असजद उस्ताद जामिया सहित कई लोगों ने भूमिका निभाई।

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