जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज शनिवार को तीसरे दिन भी लगातार आईटी विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई जारी रखी है। ओडिशा में शराब की कंपनी में काम करने वाले एक समूह के खिलाफ आयकर विभाग ने आज अपनी कार्रवाई तेज की।
माना जा रहा है कि आयकर विभाग के छापों के बाद ‘बेहिसाबी’ नकदी जब्त हुई है, जो किसी भी एजेंसी द्वारा एक ही अभियान में जब्त किया गया अब तक का सबसे अधिक काला धन है।

अधिकारियों ने बताया कि कर विभाग ने नोटों की गिनती के लिए करीब 40 बड़ी और छोटी मशीनें लगाई हैं। इसके अलावा विभाग और बैंक के और कर्मचारियों को बुलाया गया है। वहीं, विभाग द्वारा जब्त नकदी को राज्य के सरकारी बैंकों में ले जाने के लिए और वाहनों की भी मांग की गई है।
सूत्रों ने बताया कि झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू से जुड़े एक परिसर की भी तलाशी ली गई। अधिकारी अब कंपनी के विभिन्न अधिकारियों और इसमें शामिल अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रहे हैं और नकदी की गिनती शनिवार तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि करीब 290 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त होने की संभावना है।

करीब 225 करोड़ रुपये बरामद
अधिकारियों ने बताया कि आयकर विभाग ने सख्ती कर शुक्रवार तक करीब 225 करोड़ रुपये बरामद किए। वहीं, शनिवार को जारी कार्रवाई के दौरान टीम ने बोलांगीर जिले के सुदापाड़ा इलाके में एक देसी शराब निर्माता के घर से 20 बैग नकदी जब्त की। बरामद राशि की गिनती की जा रही है और इसके 50 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका है।

156 नकदी से भरे बैग मिले
आयकर विभाग के अधिकारी शुक्रवार को 156 नकदी से भरे बैगों को गिनती के लिए बोलांगीर में मौजूद एसबीआई की मुख्य शाखा ले गए थे। हालांकि, पिछले तीन दिनों से भुवनेश्वर में डेरा डाले आयकर महानिदेशक संजय बहादुर ने छापेमारी के बारे में अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि उनके लोग इस पर काम कर रहे हैं।

150 अधिकारियों ने छापेमारी की
सूत्रों के अनुसार, शराब की भट्टी करने वाले समूह के खिलाफ 150 अधिकारियों ने छापेमारी की। इसके अलावा छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से बरामद डिजिटल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए हैदराबाद के 20 अन्य अधिकारियों को भी काम पर लगाया गया है।


