- 16 साल बाद बसंत पंचमी पर बन रहा शुभ मुर्हूत
- शहर में रहेगी 16 फरवरी को सहालग की धूम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बसंत पंचमी पर इस वर्ष सर्वार्थसिद्वि योग बन रहा है। यानि पूरे दिन शुभ कार्य किए जा सकते है। खासकर विवाह के लिए वर्ष में यह बेहतर मुर्हूत है। इस दिन ब्याह सुझवाने की भी जरुरत नहीं है। ज्योतिषाचार्य आलोक शर्मा के अनुसार विवाह के लिए जरुरी शुक्र तारा अबूझ मुर्हूत बसंत पंचमी के अगले दिन ही अस्त हो रहा है। वैवाहिक कार्यो में गुरु और शुक्र का बली होना जरुरी है।
13 फरवरी को गुरु पूर्व में उदय होंगे। पंचमी के अगले ही दिन अस्त होने की वजह से उनका प्रभाव कमजोर होगा। साथ ही गुरु भी पूर्ण रुप से बलवान नहीं होंगे। ग्रहों की चाल के चलते शुरुवात के चार माह में 25, 26, 28, 30 अप्रैल को शादी का मुर्हूत रहेगा।
बता दें कि बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। ऐसे में इस दिन खूब शहनाई भी गूजेंगी। वहीं इस दिन शादी के अबूझ मुर्हूत होने की वजह से जहां शहर में जाम की स्थिति रहेगी। वहीं मंडप फूल होने की वजह से गल्ली-मौहल्लों में भी टैंट लगेंगे।
बसंत पर पंतग बाजों से रहे सावधान
बसंत पंचमी पर जहां मां सरस्वती का पूजन किया जाता हैं, वहीं पंतगबाजी का भी एक अलग महत्व है। बसंत को लेकर शहर के अधिकांश डीजे बुक है। क्योंकि पंतगबाजी का शोक रखने वाले लोगों ने डीजे बुक कर रखे है और अपने घरों व गल्ली-मौहल्लों में डीजे बजा पंतगबाजी का आनंद लेंगे।
वही दूसरी ओर लोगों को पंतग व उसके मांझे से सावधान रहना होगा और अपने बच्चों को भी घर से बाहर निकालते समय उन्हें बाइक पर आगे न बिठाए और वाहन धीरे चलाए। इतना ही नहीं मांझे से अपना बचाव करने के लिए गले में मफलर बांधकर घर से निकले। ताकि मांझा नुकसान न पहुंचा सकें।

