- अंग्रेजों के जमाने में बना था मेरठ का महिला पार्क
- नगर निगम की ओर से कराया जा रहा सौंदर्यीकरण का कार्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूं तो आपने कई पार्क देखे होंगे, लेकिन सिर्फ आधी आबादी के लिए कोई पार्क हो, ऐसा अमुमन तौर पर देखने के लिए नहीं मिलता है। मेरठ में एक ऐसा पार्क है जहां सिर्फ आधी आबादी यानी महिलाएं ही आ सकती हैं। जबकि पुरुष अगर इस पार्क के अंदर दाखिल होने की कोशिश भी करते हैं तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। यही वजह है कि यहां महिलाएं बेफिक्र होकर आती हैं और आनंद लेती हैं।

आमतौर पर आज के युग में युवक-युवती कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन आज हम आपको ऐसी जगह ले चलेंगे, जहां पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। हम बात कर रहे हैं मेरठ के लेडीज पार्क की ये पार्क अंग्रेजों के जमाने का है। 1935 में बने इस पार्क के बाहर स्पष्ट अक्षरों में लिखा हुआ है लेडीज पार्क। इस महिला पार्क में झूले नजर आते हैं।
हरियाली नजर आती है और बेटियां यहां आकर बेफिक्र होकर आनंद लेती है। महिलाएं और बेटियां इस पार्क को कितना पसंद करती हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हमेशा किसी मेले जैसा ही नजारा होता है। बता दें कि इस महिला पार्क में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है। इसी पार्क के पास बच्चा पार्क बनाया गया था, जो कि आज अपना वजूद पूरी तरह से खो चुका है।

इस बच्चा पार्क में सिर्फ बच्चो का ही प्रवेश अधिकृत था। इसी के पास जिमखाना मैदान बना हुआ था। जिमखाना मैदान आज घूमने के लिए नहीं, बल्कि क्रिकेट के लिए प्रसिद्ध हो चुका है। पुराने जमाने में जब लोग अपने परिवार के साथ घूमने आते थे तो परिवार की महिलाएं महिला पार्क में, बच्चे बच्चा पार्क में और पुरुष जिमखाना में समय व्यतीत करते थे।
10 साल के ऊपर से पुरुष का प्रवेश वर्जित
महिलाओं के लिए बनाए गए इस महिला पार्क में 10 साल से ऊपर के पुरुषों का पूरी तरह से प्रवेश वर्जित है। किसी महिला के साथ अगर कोई पुरुष है तो उसको भी पार्क में प्रवेश नहीं दिया जाता। पुरुषों को गेट पर ही रोक लिया जाता है। पार्क के गेट पर तैनात चौकीदार भी पार्क के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता।
सौंदर्यीकरण का कार्य का प्रगति पर
अमृत योजना के तहत एक करोड़ की धनराशि महिला पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत हो चुकी है और इस समय पार्क के कायाकल्प का काम किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक हरियाली तीज से पहले पार्क की लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

