जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली:लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चीन के मुद्दे पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण ने संसद में हंगामा खड़ा कर दिया। राहुल गांधी ने भाषण में पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की तरफ आ रहे थे, जो मात्र 100 मीटर दूर थे।
सत्तापक्ष ने जताई आपत्ति
राहुल गांधी के बोलते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई। राजनाथ सिंह ने कहा कि अप्रकाशित पुस्तक का हवाला संसद में नहीं दिया जा सकता और राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। अमित शाह ने भी इस बात की पुष्टि की कि किसी अप्रकाशित किताब का संसद में उल्लेख नहीं किया जा सकता।
अखिलेश यादव ने किया समर्थन
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि चीन से जुड़ा मामला बहुत संवेदनशील है और विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने संसद में उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व नेताओं जैसे डॉ. राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फर्नांडिज और नेताजी हमेशा चीन के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते रहे हैं।
स्पीकर ने की कार्यवाही स्थगित
लगातार हो रहे आपत्तियों के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही को दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दिया। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बहस के कारण संसद की कार्रवाई कुछ समय के लिए रुकी रही।

