Thursday, March 26, 2026
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संविदा कर्मचारी की मौत पर हंगामा, लगाया जाम

  • पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, एसडीएम ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की

जनवाणी संवाददाता |

लावड़: कस्बा स्थित नगर पंचायत कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी की मौत के बाद अन्य कर्मचारियों ने शव को दौराला-मसूरी मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जिसके बाद जमकर नारेबाजी हुई। उन्होंने परिवार को नौकरी व मुआवजे की मांग रखी। इसी बीच कुछ कर्मचारियों ने ईओ से अभद्रता भी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। एसडीएम सरधना व सीओ सदर देहात ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत लगभग 45 वर्षीय श्याम पुत्र स्व. भिखारी की मृत्यु हो गयी। मृत्यु से आहत अन्य कर्मचारियों ने श्याम का शव नगर पंचायत कार्यालय में रख कर्मचारी संगठन के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष सुधीर वाल्मीकि के नेतृत्व में धरना शुरू कर दिया। कर्मचारी मुआवजे, नौकरी व अन्य मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक किसी अधिकारी के मौके पर न पहुंचने पर कर्मचारियों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।

वहीं, सूचना पर थानाध्यक्ष इंचौली योगेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शव सड़क से उठवाकर अंदर कार्यालय में रखवाया। जिसके बाद जाम खुला तथा यातायात सुचारू हो सका। वहीं कर्मचारी आर्थिक मदद, परिजन को नौकरी व लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़ रहे। काफी देर बाद एसडीएम सरधना पंकज प्रकाश राठौर, सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला व नायाब तहसीलदार राहुल सिंह नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले में परिवार की आर्थिक मदद, नौकरी तथा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की मांग की।

एसडीएम ने गठित की दो सदस्यीय जांच टीम

कर्मचारियों ने लापरवाही, अत्यधिक कार्य कराने व अन्य आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष को तहरीर दी। जिस पर एसडीएम सरधना प्रेम प्रकाश सिंह ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की। जांच टीम में नायाब तहसीलदार राहुल सिंह व इंचौली थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह को शामिल किया गया। एसडीएम सरधना ने कर्मचारियों व स्थानीय लोगों की मदद से जांच कर रिपोर्ट सौंपने की बात कही।

भीम आर्मी जिलाध्यक्ष ने की मदद की मांग

देर शाम भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सूद वाल्मीकि भी अपने साथियों के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने भी मृतक कर्मचारी के परिवार की मदद की मांग उठाई। अधिकारियों ने उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

चार भाइयों में तीसरे नंबर का था श्याम

कस्बे के मोहल्ला वाल्मीकि मंदिर का निवासी श्याम अविवाहित था। श्याम के दो बड़े भाई रमेश व रामबाबू नोएडा में कार्य करते हैं। जबकि उसका छोटा भाई पप्पू उसके साथ ही रहता था। बताया गया है कि पप्पू मानसिक रूप से थोड़ा परेशान है। श्याम की मौत के बाद पप्पू का रो रोकर बुरा हाल हो गया।

मेडिकल मेें भर्ती सरिता, बेटी की हत्या से अंजान

कोतवाली के स्वामीपाड़ा में अंजाम दी गयी लाखों की लूट व महिला की हत्या की वारदात में चार दिन बाद भी अपराधियों का कोई सुराग नहीं लगा सकी। इस दौरान तमाम कवायदों के बाद भी पुलिस खाली हाथ नजर आ रही है। इस दौरान तमाम लाइनों पर पुलिस काम कर चुकी है, लेकिन वारदात करने वालों का सुराग नहीं मिल पा रहा है। वहीं सबसे हैरान करने वाली बात जो सामने आयी है वो यह कि वारदात में घायल सरिता को अभी तक यह नहीं पता कि उनकी बेटी अंजू को बदमाशों ने मार दिया है।

मामले के खुलासे में लगी पुलिस अब तक तीन बार सरिता देवी से घटनाक्रम की जानकारी के लिए मेडिकल जा चुकी है जहां उनका इलाज चल रहा है। जो भी पुलिस वाले उनसे पूछताछ के लिए मेडिकल पहुंचे वो सादावर्दी में गए। खुद सीओ कोतवाली आशुतोष भी दो बार गए। लेकिन इसके बाद भी घटना कितने लोगों ने अंजाम दी, कैसे अंजाम दी गई, यह बात सरिता देवी नहीं बता पा रही हैं। सबसे हैरानी भरी बात तो यह है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने उनकी बेटी अंजु उर्फ मोना की भी हत्या कर दी है।

आज भी मेडिकल पहुंचकर वारदात के घटनाक्रम की जानकारी का प्रयास किया गया। घायल महिला से बातचीत की एक वीडियो भी पुलिस ने तैयार की है। इस वीडियो में सीओ कोतवाली जो सादावर्दी में गए हैं घटना को लेकर बात कर रहे हैं। सरिता देवी तमाम बातें कर रही हैं। इस दौरान वो अपनी बेटियों को भी खूब भला बुरा बोल रही हैं, लेकिन वारदात को लेकर कुछ भी नहीं बता रही हैं। दरअसल फिजिकली पोजिशन भी ऐसी नहीं बतायी जा रही है जिसके चलते आग्रह पूर्वक उनसे कुछ जानकारी हासिल की जा सके।

पूछताछ की जो वीडियो बनायी गयी है वो आला अधिकारियों को मुहैय्या करा दी गयी है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वारदात में घायल महिला से मिलने वाली जानकारी ही उनके लिए तिनके के सहारे के मानिंद साबित होगी, लेकिन अभी तक सरिता कुछ भी नहीं बता पायी हैं। इस मामले के खुलासे में चार दिन के दौरान पुलिस ने जितने भी प्रयास किए उनका कोई ठोस नतीजा नहीं सामने आया। सीसीटीवी को जिस मदद की उम्मीद थी वो भी नहीं मिल सकी। स्थिति यह है कि चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ नजर आ रही है।

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