जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: माधवपुरम सेक्टर चार की सड़क इस कदर जर्जर हो चुकी है कि गड्ढों में सड़क ढूंढना मुश्किल हो गया है। हाल इतना बुरा है कि नाले का पानी महीनों तक रोड के किनारे और गड्ढों में भरे रहता हैं। वाहन चालकों को सड़क पार करने से पहले दूसरे वाहनों के जरिए गड्ढों का अनुमान लगाना पड़ता है। यहां तक कि ठेले और खोके भी सड़के के किनारे पानी में लगे हुए हैं।
माधवपुरम सेक्टर चार से अंजुम पैलेस तक की सड़क को नगर निगम एक अरसे पहले बनाकर पूरी तरह से भूल चुका है। सड़क की हालांत इन दिनों बद से भी बदतर हो चुकी है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही यहां कूड़े के भी ढेर लगे हुए हैं।

जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम इस क्षेत्र को लेकर कितना जागरुक है? ‘जनवाणी’ ने क्षेत्र का जायजा लिया तो ज्ञात हुआ कि नाले से बाहर आ रहे पानी को रोकने के लिए नगर निगम ने कुछ समय पहले ही एक दीवार का निर्माण कराया था, लेकिन बनाई गई दीवार समस्या का हल नहीं कर सकी।
नाले से पानी बाहर आ रहे पानी की वजह से सड़कें भी जलमग्न हो जाती हैं और गड्ढों में पानी महीनों तक भरा रहता है। इस वजह से क्षेत्रवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान पता चला कि निगम को कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
यहां तक कि निगम के किसी भी अधिकारी या कर्मी ने अभी तक इसकी सुध नहीं ली है। जिस कारण लोगों ने अपनी दुकानो के सामने हो रहे गड्ढे खुद ही मलबे से भरने शुरु कर दिए हैं। इस वजह से भी दुपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना की संभावनाएं रहती हैं।
नहीं है स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में जीवन बसर कर रहे लोग
क्षेत्र में खंभे तो हैं, लेकिन उन पर या तो स्ट्रीट लाइट हैं ही नहीं और पहले ही लगी स्ट्रीट लाइट मात्र शोपीस बनकर रह गई हैं। जिस कारण रात के समय अंधेरा हो जाता है और लोगों को घरों से निकलने में भी डर लगने लगा है।
अंधेरे के कारण रात के समय में लूटपाट के मामले भी काफी बढ़ गए हैं। चाय का खोखा लगाने वाले छोटे सैनी ने बताया कि दिन ढलते ही अंधेरा हो जाता है और लाइट न होने के कारण लूट भी होने लगी है। हाल ही में यहां एक बुजुर्ग को लूटकर बांध दिया था, जिस कारण वह रातभर सड़क पर पड़ा रहा।
सुबह होने पर ही लोगों की नजर उस पर गई और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस की पेट्रोलिंग भी इलाके में बढ़ी है। बताया कि बीते बरसात के मौसम में एसडीएम द्वारा क्षेत्र का मुआना भी किया गया, लेकिन इसके बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसके अलावा किराना स्टोर वाले ने बताया कि पानी भरने के कारण दुकान का तल ऊंचा करना पड़ा है। अन्यथा दुकान में भी पानी भरने की संभावना बढ़ गयी थी।
गंदगी और दुर्गंध से जीना मुहाल
माधवपुरम में लगे कूड़े के ढेर से दुर्गंध तो रहती ही है साथ ही यहां मृत जानवरों के शव भी मिलने लगे हैं। जिससे हालत और भी बदतर हो जाती है। खुलेआम पड़े मृत जानवरों के शवों को कुत्ते खाते देखे जा सकते हैं। जिससे लोगों को यहां से गुजरना भी मुहाल हो चुका है। उधर, निर्मित सड़कों पर भी नाले से बाहर आ रहा पानी इस कदर भरा रहता है कि लोगों का यातायात करना दुभर हो चुका है।

