जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। एक ओर, बांग्लादेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने और अराजकता फैलने की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर अब अमेरिका भी मोहम्मद यूनुस से नाराज नजर आ रहा है। अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति ने मोहम्मद यूनुस को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में एक राजनीतिक पार्टी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की नीति को गलत ठहराया है। इस पत्र में विशेष रूप से अवामी लीग पार्टी पर लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना की गई है।
बांग्लादेश के हालात पर अमेरिका की चिंता
अमेरिका के निचले सदन, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की विदेश मामलों की समिति ने मोहम्मद यूनुस को भेजे गए पत्र में बांग्लादेश में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को देश की राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जो निष्पक्ष, मुक्त और शांतिपूर्वक चुनाव की संभावना को जन्म दे सके।
पत्र में यह भी कहा गया है कि अमेरिका को इस बात की गहरी आशंका है कि बांग्लादेश में यह सब संभव नहीं हो पाएगा, क्योंकि अंतरिम सरकार ने राजनीतिक दलों की गतिविधियों को बर्खास्त कर दिया है और इसके साथ ही त्रुटिपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल को भी फिर से शुरू कर दिया है।
अमेरिकी सांसदों की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिकी सांसदों ने बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है, खासकर एक राजनीतिक पार्टी पर लगाए गए प्रतिबंध पर। उन्होंने कहा, “2018 और 2024 के आम चुनाव निष्पक्ष नहीं थे और फरवरी में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट में यह बताया गया कि जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में भड़की हिंसा में करीब 1400 लोग मारे गए।”
सांसदों ने यह भी कहा, “असल में बांग्लादेश को इन घटनाओं से सीख लेकर अपने लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वहां बदले की कार्रवाई शुरू हो गई है। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि एक राजनीतिक पार्टी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करना गलत है।”
अवामी लीग पर प्रतिबंध की पृष्ठभूमि
कुछ महीने पहले ही, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग पार्टी की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस प्रतिबंध में अवामी लीग के ऑनलाइन मंचों पर होने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं। यह कदम तब उठाया गया जब कई संगठनों ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।

