नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। अमेरिकी नौसेना का एक अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट कैलिफोर्निया स्थित नेवल एयर स्टेशन लेमूर के पास क्रैश हो गया। नौसेना द्वारा जारी बयान के मुताबिक, पायलट ने समय रहते खुद को इजेक्ट कर लिया और वह सुरक्षित है। उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
यह विमान स्ट्राइक फाइटर स्क्वाड्रन VFA-125 ‘रफ रेडर्स’ से संबंधित था, जिसे विशेष रूप से पायलटों और एयरक्रू के प्रशिक्षण के लिए प्रयोग में लाया जाता है। हादसे के बाद अमेरिकी नौसेना पूरी तरह से सतर्क हो गई है और घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
100 मिलियन डॉलर की लागत वाला था यह लड़ाकू विमान
जो एफ-35 विमान क्रैश हुआ, वह लगभग 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 830 करोड़ रुपये की लागत वाला था। यह अमेरिकी नौसेना के लिए डिजाइन किया गया एक विशेष वैरिएंट है जिसे एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ाया जा सकता है। इस विमान को लॉकहेड मार्टिन कंपनी बनाती है और इसे अत्याधुनिक स्टील्थ, रडार अवॉइडेंस और लड़ाकू क्षमताओं के लिए जाना जाता है।
स्ट्राइक फाइटर स्क्वाड्रन से जुड़ा था विमान
नौसेना के अनुसार यह विमान वीएफ-125 ‘रफ रेडर्स’ नामक स्ट्राइक फाइटर स्क्वाड्रन से जुड़ा था। यह स्क्वाड्रन एक ‘फ्लीट रिप्लेसमेंट यूनिट’ है, जो नए पायलटों और एयरक्रू को प्रशिक्षित करने का काम करती है। यानी यह विमान किसी मिशन पर नहीं बल्कि प्रशिक्षण उद्देश्यों के तहत उड़ान पर था।
इन देशों के पास है एफ-35
एफ-35 अमेरिका और उसके 19 सहयोगी देशों की पहली पसंद है, जो वैश्विक सुरक्षा को मजबूत करता है और दुनियाभर में खतरों को रोकने की क्षमता देता है। यह लड़ाकू विमान स्थिरता, इंटरऑपरेबिलिटी और बेहतरीन मूल्य प्रदान करता है। ये अमेरिकी सेना के लिए सबसे अहम ‘फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट’ माना जाता है। इसे अमेरिकी वायुसेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स तीनों अलग-अलग वैरिएंट्स में इस्तेमाल करते हैं। यह साझेदार देशों के बीच तालमेल बढ़ाकर साझा प्रतिरोध को सशक्त करता है। एफ-35 के बढ़ते नेटवर्क के माध्यम से साझेदार देश एकजुट होकर दुनिया में शांति की रक्षा करते हैं। इसकी तकनीक और रणनीतिक क्षमताएं वैश्विक शक्ति संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।

