
आज यह सर्वविदित है कि रासायनिक कीटनाशकों का कृषि क्षेत्र में उपयोग मानव जाति के साथ-साथ धरा की सेहत के लिए बेहद जोखिम भरा है। यह खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों के लिए भी बेहद जानलेवा साबित हो रहा है। इसी संबंध में नेचर जियोसाइंस में छपा शोध बताता है कि पूरी दुनिया में कृषि भूमि के 64 फीसदी हिस्से पर कीटनाशकों का कुप्रभाव पड़ रहा है, जिससे मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ जैव विविधता पर संकट का बढ़ना तय है। जानकार बताते हैं कि यह हालात भारत जैसे देश के लिए खासतौर पर चिंता का विषय है, जहां कीटनाशकों को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कानून नहीं है। बता दें कि इस रिसर्च में शोधकतार्ओं ने 168 देशों में 90 से अधिक कीटनाशकों के प्रभाव का अध्ययन किया और पाया कि दुनिया की करीब दो-तिहाई कृषि भूमि यानी 245 लाख वर्ग किलोमीटर पर कीटनाशकों के कुप्रभाव दिख रहे हैं।