- गांव पुरुषोत्तमपुर (शुक्रताल) में हुआ नैनो यूरिया स्प्रे का लाइव डेमो
जनवाणी संवाददाता |
मुज़फ्फरनगर: जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी की अध्यक्षता में सोमवार को शुक्रताल के मजरा पुरुषोत्तमपुर में प्रगतिशील किसान मोनू सिंह के पेड़ी गन्ने की फसल पर ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर से नैनो यूरिया का स्प्रे (छिड़काव) कराकर अन्य किसानों को लाइव डेमो दिखाया गया। नैनो यूरिया के स्प्रे का लाइव डेमो देखने को जिला गन्ना अधिकारी मुज़फ्फरनगर, संयुक्त निदेशक, गन्ना शोध केंद्र, मुज़फ्फरनगर डॉ वीरेश सिंह, खांडसारी अधिकारी चंद्रशेखर सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, मोरना दिवाकर प्रसाद, गन्ना पर्यवेक्षक नरेश कुमार, चीनीमिल खाइखेड़ी के उप-महाप्रबंधक (गन्ना) संजीव कुमार और उनकी टीम तथा इफको की ओर से आशिष कुमार किसान के खेत पर पहुंचे।

इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों में सुदेश कुमार, मोनू राणा, रियासत अली, विजय शर्मा, मंजीत सिंह, कुलवंत सिंह, विनोद कुमार, अरविंद, धर्मेंद्र आदि उपस्थित रहे। नैनो यूरिया के प्रयोग को बढ़ावा देने और परंपरागत रूप से प्रयोग किये जा रहे यूरिया को विस्थापित करने, नैनो यूरिया के प्रयोग से लाभ और यूरिया के प्रयोग से हानि पर विचार विमर्श हेतु पुरुषोत्तमपुर में एक गन्ना विकास गोष्ठी भी आयोजित की गई।

गन्ना विकास गोष्ठी में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए गन्ना शोध केंद्र, मुज़फ्फरनगर के संयुक्त निदेशक ने बताया कि नैनो यूरिया के प्रयोग से जहां एक ओर जल, जमीन और वायु प्रदुषण कम होगी वहीं फसल को उतनी ही नत्रजन की आपूर्ति हो सकेगी जितनी कि पौधे की आवश्यकता है और इससे फसल उत्पादन भी बढ़ेगा। इसी क्रम में जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को अवगत कराया कि गन्ने की फसल पर नैनो यूरिया का प्रयोग तभी करना है|

जब फसल पर गन्ने की खूब पत्तियां निकल जाए, इसका प्रयोग जमीन में नहीं करना है। एक एकड़ फसल पर छिड़काव हेतु 125 लीटर पानी में नैनो यूरिया के एक बोतल (500 मिली लीटर) मात्रा को मिलाना है। गन्ना पर्यवेक्षक नरेश कुमार ने बताया कि गन्ना विभाग के सभी स्टोरों पर नैनो यूरिया उपलब्ध है जिसे किसान भाई नकद अथवा समिति के ऋण के रूप में प्राप्त कर सकते हैं। प्रगतिशील किसान मोनू सिंग ने कहा कि वे अपने सभी खेतों में अब नैनो यूरिया का ही प्रयोग करेंगे।

