- सेना के जवान से मारपीट के मामले को लेकर तमतमाए राज्यसभा सांसद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम के जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में सेना के जवान से मारपीट के मामले को लेकर तमतमाए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई शनिवार को अनुभाग में पहुंचे। उन्होंने प्रभारी की जमकर क्लास ली। उन्होंने अनुभाग में अफसर व कर्मियों के भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया और एक सप्ताह के अंदर मारपीट के आरोपी कर्मचारियों को हटाने का अल्टीमेटम दिया। कहा कि नहीं हटाए गए तो वे किसी को कार्य करने नहीं देंगे। डा. वाजपेई ने निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को छतरी वाले पीर से लेकर पुराने कमेले के पुल तक पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे नाले का निर्माण एक फूल विक्रेता की दुकान की वजह से चार माह से रोका होने को लेकर नाराजगी जताई और उक्त दुकान को हटवाने को कहा।
डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई शनिवार दोपहर अचानक नगर निगम पहुंचे। वे सीधे जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में प्रभारी डा. गजेन्द्र सिंह के पास पहुंचे। उन्होंने सेना के साथ कर्मचारियों द्वारा की गई मारपीट को लेकर गुस्से का इजहार किया। उन्होंने कहा कि इस दफ्तर में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। कर्मचारी आम जनता का काम नहीं करते, वे दलालों के काम करते हैं। अधिकारी कर्मचारियों को संरक्षण दे रहे हैं। सेना जो 140 करोड़ लोगों की रक्षा कर रही है, उसके जवान के साथ इस दफ्तर में मारपीट की जाती है
और अभी तक आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने डा. गजेन्द्र से कहा कि मारपीट करने के आरोपी स्थाई कर्मियों को हटाएं और आउटसोर्सिंग के कर्मियों को बर्खास्त किया जाए। अन्य कर्मियों को भी हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में उनपर कार्रवाई नहीं हुई तो वे दफ्तर में अफसर व उक्त कर्मियों को बैठने नहीं देंगे। डा. गजेन्द्र ने कहा कि 16 जून को वेबसाइट अपगे्रड की गई तभी से समस्या बनी है। वेबसाइट बार बार बंद हो जाती है और धीमी चलती है। डा. वाजपेई ने उसे ठीक कराने को कहा।
डा. वाजपेई ने निर्माण अनुभाग में चीफ इंजीनियर देवेन्द्र कुमार के पास पहुंचकर बताया कि उन्होंने बढ़ते ट्रैफिक के मद्देनजर छतरी वाले पीर से लेकर पुराना कमेला पुल तक नाले को पाटकर सड़क बनाने को प्रोजेक्ट पास कराया, ईश्वरपुरी में नाले पर एक फूल वाले की दुकान बनी है, जिस कारण नाला निर्माण रुका है। उन्होंने कहा कि पहले कटोरा लगे लंबे डंडे और पचांगड़ा लगाकर नाले की सफाई की जाती थी, लेकिन अब कोई नहीं कर रहा। नालों में जाल लगे हैं। जब नालों की सफाई नहीं होती तो लोग जाल हटा देते हैं। उन्होंने नालों की नियमित सफाई कराने व नाले से अतिक्रमण हटवाने को कहा। चीफ इंजीनियर ने शीघ्र अतिक्रमण हटवाने का भरोसा दिलाया।
नाले पर अतिक्रमण किया तो पांच हजार जुर्माना
डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग में भ्रष्टाचार फैला है। मेरे पास एक परिचित ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को कहा। मेरे कहने के बाद भी चार माह बाद उसे प्रमाण पत्र दिया गया। इस अनुभाग के सभी कर्मियों को हटाने को कहा। मारपीट के आरोपियों पर कार्रवाई करने को कहा गया। एक सप्ताह में यह नहीं हुआ तो वे अपने स्तर से कार्रवाई करेंगे। किसी को अनुभाग में रहने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि नाले से नगर निगम अतिक्रमण हटाने का तैयार नहीं है, इसी वजह से नाला निर्माण रुका है। अब जो भी नाले पर अतिक्रमण करेगा, उसपर पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा।
पार्षदों ने मेयर के सामने उठाई प्रमाण पत्र न बनने की समस्या
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई के नगर निगम दफ्तर पहुंचकर सेना के जवान के साथ मारपीट करने को लेकर गुस्से का इजहार करने के बाद शाम को महापौर हरिकांत अहलूवालिया जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग पहुंचे और प्रमाण पत्र जारी होने में देरी के बारे में जानकारी ली। डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया शाम को जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग पहुंचे और जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने व संशोधन में विलंब होने के बारे में जानकारी ली।
प्रभारी डा. गजेन्द्र ने उन्हें बताया कि एसडीएम या सीएमओ के यहां दो-दो महीने फार्म पड़े रहते हैं, इसके अलावा कम्प्यूटर आपरेटर कम हैं और वेबसाइट धीमी चल रही है, जिससे विलंब हो रहा है। डा. गजेन्द्र ने दफ्तर में कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था न होने व सीसीटीवी कैमरे चालू न होने की बात कही। कर्मचारियों ने कुछ पार्षदों पर सौ-सौ फार्म, दूसरे वार्डाें के लोगों के फार्म लाकर देने की बात कही, जबकि कुछ पार्षदों ने उनके काम में देरी करने का आरोप लगाया। अपर नगरायुक्त पंकज कुमार ने मेयर को बताया कि इस दफ्तर में दो कम्प्यूटर आपरेटर व एक बाबू मांगा गया था। एक कम्प्यूटर आपरेटर दे दिया गया है। मेयर ने सेना के जवान से मारपीट करने की घटना की जानकारी ली व कर्मियों पर कार्रवाई के बारे में पूछा।
अपर नगरायुक्त ने बताया कि सेना के जवान के सामने मारपीट करने के आरोपी कर्मी दिखाए गए। तीन राहुल, सलीम और हृदयेश की उन्होंने पहचान की। तीनों को आज हटा दिया गया है। मेयर ने सीसीटीवी कैमरे चालू कराने का भरोसा दिलाया। पत्रकारों से बातचीत में महापौर ने कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीयन कार्यालय में गड़बड़ी और विलंब से कार्य होने की शिकायतें उन्हें मिल रही थीं। देरी की प्रमुख वजह सीएमओ व एसडीएम के दफ्तर से हो रही है, वहां कई महीने तक फार्म पड़े रहते हैं। उन्होंने डीएम से आग्रह किया है नगर निगम के अधिकारी, सीएमओ व एसडीएम के साथ बैठ कराकर तीन दिन में उनके दफ्तरों से फार्म नगर निगम को भेजने के आदेश दें।

