वार्ड-88: पार्षद का रिपोर्ट कार्ड
- काफी समय पहले पार्षद का हो चुका है इंतकाल, नगर निगम अधिकारियों ने नहीं ली सुध
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम का वार्ड-88 सफाई, निर्माण, जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। यहां की पार्षद का कुछ समय पहले इंतकाल होने के बाद से वार्ड पूरी तरह लावारिस होकर रह गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने वार्ड में आकर लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए कोई प्रयास नहीं किया है।
वार्ड-88 पिलोखड़ी पुल के पूर्वी दिशा से शुरू होता है और शालीमार कॉलोनी तक पहुंचता है। इसका दायरा एक किलोमीटर से भी अधिक फैला हुआ है। इस वार्ड का सर्किल करीब ढाई किलोमीटर के आसपास बनता है। इस वार्ड में गलियों की संख्या 485 बताई गई है। 2017 में हुए चुनाव के दौरान यहां से साबरा बेगम पार्षद चुनी गई थीं, लेकिन उनका काफी समय पहले निधन हो चुका है। जिसके बाद वार्ड में उपचुनाव नहीं कराया गया है।

ऐसी स्थिति में इस वार्ड के विकास के बाद कहने वाला भी नगर निगम में कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। इस वार्ड के मतदाताओं की संख्या 12 हजार के करीब बताई गई है। पाइप लाइन बिछाने का काम करने वाले असलम पलंबर, मोहम्मद मारूफ आदि का कहना है कि जो पानी नगर निगम की ओर से नलकूपों के माध्यम से दिया जा रहा है, उसमें एक अजीब सी स्मेल आती है।
वार्ड के लोग इस बारे में नगर निगम के जल कर विभाग को कई बार अवगत करा चुके हैं। लेकिन किसी टीम ने आज तक आकर पानी का सर्वे करके उसकी गुणवत्ता को जांचने का प्रयास नहीं किया है। वार्ड के लोग कहते हैं कि कई जगह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसमें कूड़ा करकट का आ जाना आम बात है।
श्याम नगर मुख्य मार्ग पर तीन पाइप लाइन बिछी हुई हैं, लेकिन इनमें से किसी भी पाइप लाइन को जोड़कर इस वार्ड के लोगों को साफ सुथरा पेयजल नहीं दिया जा सका है। इसके बजाय वार्ड में मौजूद पंपों के जरिये जलापूर्ति की जाती है लोगों के मुताबिक इस वार्ड की कई बस्तियों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की बात तो दूर है, यहां साफ-सफाई के लिए नियमित रूप से कर्मचारी भी नहीं आते हैं।

आलम यह है कि हर गली में जो भी खाली प्लाट नजर आता है, उसी को कूड़ाघर के रूप में मोहल्ले के लोग प्रयोग करते देखे जा सकते हैं। वार्ड का अधिकांश हिस्सा गंदगी से अटा पड़ा है। वहीं गलियों में झूलते केबल एबीसी कंडक्टर हादसों को निमंत्रण देते नजर आते हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि यहां विद्युतीकरण की आवश्यकता है, लेकिन बिजली विभाग ने पूरी तरह आंख बंद करके धड़ाधड़-धड़ाधड़ कनेक्शन दे दिए हैं।
इन कनेक्शनों के लिए बिजली के खंभे लगाने की जरूरत भी नहीं समझी गई है। यही कारण है कि अधिकांश गलियों में केबल तो नजर आते हैं, लेकिन खंभे नदारत हैं। आम आदमी पार्टी से पार्षद पद के दावेदार शहजाद सैफी, शकील राजपूत आदि का कहना है कि जब से यह वार्ड बना है तब से अभी तक बमुश्किल 50 परसेंट गलियों का निर्माण हो पाया है। वार्ड के लोग बताते हैं कि अभी 200 से अधिक गलियां ऐसी हैं, जो कच्ची हैं।
मजीद नगर गली नंबर चार के निवासियों का कहना है कि यहां सफाई कर्मचारियों को आए हुए कई कई महीने गुजर जाते हैं। मजीद नगर की कई गलियों में जल निकासी का आलम यह है कि लोगों ने नालियों में टुल्लू पंप डालकर पाइप के जरिये दूसरी नाली में पानी की निकासी का प्रबंध कर रखा है। समाजवादी पार्टी से पार्षद के लिए दावेदारी कर रहे सलीम मेवाती का कहना है कि वार्ड में सफाई सबसे बड़ा मुद्दा है।

अगर वार्ड की जनता उन्हें अवसर देती है तो वह सफाई के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराएंगे। इसके बाद निर्माण और प्रकाश के कार्य कराएंगे। लोगों का कहना है कि श्याम नगर में हरी मस्जिद के पास वाली गली पिछले 10 साल से इनमें कोई काम नहीं कराया गया है। जहां पानी भरने से लेकर साफ-सफाई तक की सभी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ कुम्हारों वाली गली में भी निर्माण और साफ-सफाई को लेकर लोगों की शिकायत है। इस वार्ड की सफाई की समस्या के बारे में ध्यान आकर्षित कराने पर प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह ने टीम के जरिये सफाई अभियान चलाने की बात कही है।

