जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड स्थित भैंसही रिफ्यूजी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों ने स्कूल के चापाकल का पानी पीया और उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई।
चापाकल का पानी पीने से बीमार हुए बच्चे
पानी पीने के बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। बीमार हुए बच्चों में पिंकी कुमारी, हिमांशु कुमार, प्रिंस कुमार, अरुण कुमार, शिवानी कुमारी, बिट्टू कुमार, साजन कुमार, सिमरन कुमारी, भोला कुमार, विशाल कुमार, कृष्णा कुमार और विकास कुमार शामिल थे। स्कूल खुलने के कुछ ही देर बाद चार-पांच बच्चों ने पानी पीया और तबियत बिगड़ने लगी। इसके बाद अन्य बच्चों ने भी पानी पी लिया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 12 बच्चे बीमार हो गए।
बच्चों को भर्ती कराया गया
स्थिति बिगड़ते देख विद्यालय प्रशासन ने बच्चों को भैंसही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए सभी बच्चों को एंबुलेंस से बेतिया के जीएमसीएच भेजा गया। सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें जीएमसीएच रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी की जांच के बाद ही बीमारी का सही कारण सामने आएगा।
विधायक ने अधिकारियों को दिए निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जीएमसीएच प्रशासन से संपर्क कर बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चे रोजाना इसी चापाकल का पानी पीते हैं, इसलिए पानी की जांच बेहद जरूरी है। घटना के बाद अभिभावकों में चिंता और भय का माहौल है। स्थानीय लोग भी स्कूल के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

