
सुभाष शिरढोनकर |
साल भर पहले तक लगता था कि अक्षय कुमार बॉक्स आॅफिस के किंग हैं। उनकी कोई फिल्म अब कभी फ्लॉप नहीं हो सकती लेकिन इस साल ‘बच्चन पांडे’, ‘सम्राट पृथ्वीराज’ और ‘रक्षाबंधन’ की नाकामी के बाद उनका भरम पूरी तरह टूट चुका है। हाल ही में ओटीटी पर अक्षय कुमार की एक और फिल्म ‘कटपुतली’ आॅन स्ट्रीम आई। रंजीत एम तिवारी द्वारा निर्देशित यह फिल्म साउथ की फिल्म ‘रत्सासन’ से इंस्पायर थी, लेकिन यह किसी भी स्तर पर ओरिजनल फिल्म को नहीं छू सकी। आज हालात कुछ इस तरह के हैं कि अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म के मेकर काफी डरे हुए हैं हालांकि अक्षय अपने हाव भाव से यही दर्शाने की कोशिश करते रहे हैं कि उन पर इसका कुछ असर नहीं है। अक्षय से मिलने के बाद बिलकुल महसूस नहीं होता कि उनके हौसले किसी भी तरह कम हुए हों लेकिन यह भी सच है कि अंदर ही अंदर वह भी खासे चिंतित हैं।
अक्षय कुमार की आने वाली फिल्मों में ‘मिशन सिंड्रेला’, ‘रामसेतु’, ‘सेल्फी’ ‘कैप्टन गिल’ ‘ओह माय गॉड 2’ और ‘गोरखा’ के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। दूसरे एक्टर्स के मुकाबले अक्षय काफी स्पीड से काम करने के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि वह नई फिल्में धड़ाधड़ साइन करते जा रहे हैं। प्रस्तुत हैं अक्षय कुमार के साथ की गई बातचीत के मुख्य अंश:
कोरोना के बाद से सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखने में आॅडियंस की दिलचस्पी साफ तौर पर कम होती नजर आ रही है। बड़ी बड़ी फिल्में बॉक्स आॅफिस पर औंधे मुंह गिरने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है?
-दर्शक सिनेमाघरों तक इसलिए नहीं आ रहे हैंख् क्योंकि हम समझना नहीं चाहते कि उन्हें क्या चाहिए? हमें अपनी फिल्मों की नाकामी के लिए किसी और को दोषी ठहराने के बजाए यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि हम ऐसा क्या बनाएं जिससे दर्शक फिर से सिनेमाघरों की ओर अपना रुख कर सकें।
आपकी पिछली चार फिल्मों को आॅडियंस का समर्थन नहीं मिला। क्या कंटेंट को चुनने के मामले में आपसे भी अब गलती होने लगी है?
-जी बिलकुल, फिल्मों के फ्लॉप होने पर हम किसी दूसरे को ब्लेम नहीं कर सकते। इसलिए यही कहूंगा कि मेरी खुद की कमी की वजह से मेरी पिछली फिल्में नहीं चल सकी हैं। इसके लिए सिर्फ और सिर्फ मैं ही दोषी हूं। गलती कहां हो रही है। इस बारे में मैंने जो कुछ समझा और जाना है, वह मेरी आने वाली फिल्मों में नजर आएगा।
फिल्मों के न चलने के बाद से आप, लगातार क्रिटिक्स के निशाने पर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से आप एक साथ कई प्रोजेक्टस में बिजी रहते हुए शूटिंग को लेकर जल्दबाजी करते हैं, आपनी क्वालिटी मेंटेन नहीं हो पा रही है?
-मैं क्या कर सकता हूं। भाई मेरी फिल्में 40-45 दिनों में पूरी हो जाती हैं। एक डायरेक्टर जब मुझसे कहता है कि उसकी फिल्म में मेरा काम खत्म हो गया तो क्या मैं उससे झगड़ा करूं। उसके बजाए मैं दूसरा काम शुरू करने में बिजी हो जाता हूं। शायद शुरू से मेरी यही फिलोस्फी रही है कि ‘क्या लेकर आए थे और क्या लेकर जाएंगे’।
कहा जा रहा है कि करण जौहर आपके साथ एक फिल्म शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं?
-फिलहाल तो ऐसा कुछ भी नहीं है लेकिन यदि ऐसा हुआ तो निश्चित ही मुझे उनके साथ काम करते हुए खुशी होगी।
अश्विन वर्दे के साथ आप ‘ओह माई गॉड 2’ की शूटिंग खत्म कर चुके हैं। खबर आ रही है कि अब वो भूषण कुमार के
साथ मिलकर ‘खेल खेल में’ बनाने जा रहे हैं। क्या इस फिल्म में भी आप नजर आएंगे?
-अश्विन एक बेहद टेलेंटेड डायरेक्ट हैं। वह पहली बार फिल्म प्रोडक्शन में कदम रखने जा रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले तो मैं उन्हें शुभ कामनाएं देना चाहूंगा और जिस तरह से उन्होंने अपने प्रोडक्शन की पहली फिल्म के लिए डायरेक्टर के तौर पर मुदस्सर अजीज को लिया है, उसके लिए भी उनकी प्रशंसा करूंगा। अब मैं इस फिल्म में होऊंगा या नहीं, यह अलग बात है।


