- पुलिस की नाकामी, कंधे पर लाश लेकर घूमने वाला भी शातिर निकला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: किसकी लाड़ली थी जिसकी हत्या ऐसे अंदाज में की गई ताकि कोई पहचान न पाये। कौन था वो कातिल जो युवती के शव को बोरे में बंद कर कंधे पर रखकर दर-दर की खाक छानता रहा। हाईटेक होने का दावा करने वाली पुलिस ने घटना के 48 दिन बाद भी न तो युवती की शिनाख्त कर पाई और न ही लाश को ठिकाने लगाने वाले को पकड़ पाई। पुलिस के लिये भले यह एक क्राइम नंबर हो, लेकिन इस युवती की दर्दनाक हत्या अपने पीछे कई चेहरों को बेनकाब कर सकती थी।
खरखौदा थाना क्षेत्र के जमना नगर इलाके की गैस गोदाम वाली गली में गत 12 फरवरी को नाले के पास एक संदिग्ध बोरा पड़ा मिला था। गली में रहने वाले लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने बोरे को जब खोल कर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बोरी के अंदर एक युवती का निर्वस्त्र शव मिला। युवती के शरीर पर चोट के कई निशान थे। जब पुलिस ने आसपास लगे सीसी कैमरों को खंगालना शुरु किया तो हैरत में पड़ गई।

कैमरे में साफ दिख रहा था कि एक युवक बोरे को कंधे पर डाल कर गली में इधर-उधर घूम रहा है। कुछ मिनट के बाद युवक बोरी को फेंक कर फरार हो गया था। मौके पर पहुंची पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट और स्नीफर डॉग लेकर ने आसपास काफी सबूत एकत्र करने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 35 वर्षीय युवक के कंधे पर जिस युवती की लाश थी, उसकी उम्र भी 35 के करीब बताई जा रही है।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने युवती और संदिग्ध युवक के फोटोग्राफ आसपास के जनपदों के थानों में लगवा दिये, लेकिन पुलिस को एक भी संतोषजनक जानकारी हासिल नहीं हो पाई। पुलिस ने 1500 से ज्यादा फोटोग्राफ जगह जगह बंटवाये और लोगों को दिखवाये, लेकिन हत्या का कोई भी क्लू नहीं मिला। अधिकारियों का मानना है कि युवती की हत्या उसके किसी जानकार ने ही की है
और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसे बिना कपड़ों के बोरे में बंद कर यहां फेंका है। ऐसा लग रहा है जिन लोगों ने हत्या की है वो शिनाख्त नहीं होने दे रहा है। पुलिस ने आसपास के जनपदों में युवती के फोटो लगवाए, अगर नजदीकी लोग हत्या में शामिल हैं इसलिये कोई भी युवती की गुमशुदगी तक दर्ज कराने किसी भी थाने नहीं गया।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर लाश फेंकने वाले युवक की शिनाख्त हो जाए तो काफी हद तक हत्या की गुत्थी सुलझ सकती है। खरखौदा थाना पुलिस मानों इस मामले को भूल गई है तभी आरोपी युवक को तलाशा नहीं जा रहा है।
सवाल जो अनुत्तर हैं…
- हत्या के पीछे कारण क्या हैं?
- कौन लोग हैं जो शिनाख्त नहीं हो दे रहे?
- अगर प्रेम संबंध में हत्या हुई तो किसी ने क्लेम क्यों नहीं किया?
- आखिर अब तक किसी भी थाने में गुमशुदगी दर्ज क्यों नहीं हुई?
- क्या हत्या करने वाला लाश को ढो रहा था?
शराब के ठेके पर 6.30 लाख की लूट, सेल्समैन बेहोश
शहर में बदमाशों का आतंक हो गया है। बेखौफ बदमाश लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। शायद बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। तभी तो बदमाश शहर में रोज लूट-चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रही है। ज्वेलर्स की दुकान में सुरंग बनाने की घटना का अभी खुली नहीं कि बदमाशों ने ठेके पर धावा बोलकर लाखों रुपये की लूट को अंजाम दे दिया। सेल्समैन को बेहोश होने तक पीटा। किसी तरह पुलिस और ठेका मालिक को सेल्समैन ने जानकारी दी।
मोदीनगर निवासी ओमकार और उनके दामाद आशीष का लिसाड़ी गेट में नूरनगर हाल्ट के पास देसी शराब का ठेका है, जिस पर मवाना निवासी मोनू सेल्समैन है। मोनू ठेके में ही रहता है। आशीष ने आरोप लगाया कि बुधवार रात करीब एक बजे करीब किसी काम से मोनू ठेके से बाहर आया था, तभी तीन बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। उसे जबरन ठेके में ले गए और बंधक बनाकर पीटा, जिससे वह बेहोश हो गया।
करीब चार बजे मोनू को होश आया तो उसने फोन कर जानकारी दी। पुलिस भी पहुंच गई थी। गंभीर हालत में मोनू को हापुड़ रोड के एक सिटी हास्पिटल में भर्ती कराया, जहां से मोदीनगर रेफर कर दिया। आशीष ने आरोप लगाया कि ठेके में पांच दिन का कैश करीब छह लाख 30 हजार रुपये बदमाश लूटकर ले गए। लिसाड़ी गेट पुलिस का कहना है कि तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।

