- बदहाल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन पर फिलहाल बे्रक का फैसला
- सांसद और एक्सप्रेस-वे आथर्रिटी के अधिकारी आए दिन किया करते थे लाव लश्कर संग दौरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे 8,346 करोड़ के प्रोजेक्ट के उद्घाटन फिलहाल कुछ ब्रेक नजर आ रहा है। एक्सप्रेस-वे को शुरू किए जाने से पहले आए दिन निरीक्षण के आथर्रिटी के आला अफसरों का आए दिन टूअर कार्यक्रम बनता था।
मेरठ हापुड़ सांसद ने भी अफसरों के साथ एक्सप्रेस-वे का अनगिनत बार निरीक्षण किया। इंजीनियरों और आथर्रिटी के अफसरों की भारी भरकम टीम के साथ यदि वाकई निरीक्षण को निकलते थे तो फिर ऐसी क्या वजह थी जो एक्सप्रेस-वे के निर्माण की खामियों को नहीं पकड़ा जा सका।

इसमें कोई दो राय नहीं कि एक्सप्रेस-वे की जो हालत बारिश ने बनाकर रख दी है। उससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है और इस पूरे प्रोजेक्ट जिसको पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट कह कर प्रचारित किया जा रहा था, उसको लेकर अब तमाम सवाल खडे किए जा रहे हैं।
परतापुर से लेकर दिल्ली के सराय काले खां तक एक्सप्रेस-वे की बारिश ने क्या भद्द पिटी है। इसको देखने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अपने मोबाइल पर गूगल सर्च कीजिए, एक्सप्रेस-वे को लेकर किए जा रहे दावों की हकीकत सामने आ जाएगी।
दुर्दशा का जिम्मेदार कौन?
दिल्ली से मेरठ तक के सफर को आसान करने के लिए बने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से गुजरना अब खतरे से खाली नहीं है।
सर्विस लेन के बाद अब हाइवे भी जगह-जगह से धंस गया है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण में बरती गई लापरवाही व लगाई गई घटिया सामग्री की पोल पहले मानसून ने ही खोल दी है।
जनवाणी की टीम ने दावों की पड़ताल और हकीकत से रूबरू होने को निकली तो पोल खुलती चली गयी। दर्जनों जगह सड़क धंसी गई है। करीब दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर एक्सप्रेस-वे पर दरारें मुंह बाए खड़ी हैं या कहें कि मौत को न्योता दे रही हैं।
बारिश का पानी निकालने के लिए बनाई गई बनाए गए तमाम रास्तों को आथार्रिटी के आला अफसरों की नींद के टूटने का इंतजार है। बारिश ने इन्हें बुरी तरह बीमार कर दिया है।

