
हम दावा कुछ भी करें, हकीकत यह है कि केंद्र सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद मणिपुर का संकट हल होने का नाम नहीं ले रहा है। वहां हिंसा लगातार जारी है। बीते दिनों ही एक बार हिंसा फिर भड़क उठी। हालात इतने खराब हैं कि राज्य के 16 में से 11 जिलों में अब भी कर्फ्यू जारी है। पूरे राज्य में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। यह इस बात का सबूत है कि समस्या लगातार विषम होती जा रही है। जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चार दिवसीय मणिपुर की यात्रा जिसमें हुई सर्वदलीय बैठक, मैती समुदाय के लोगों से भेंट, हिंसा प्रभावित चंद्रचूड़पुर में विभिन्न हितधारकों व आदिवासी समुदाय के नेताओं तथा कुकी विधायकों-आईटीएलएफ के प्रतिनिधियों के साथ ही चिन-कुकी-मिजो समुदाय सहित कई सफल बैठकों से इस आशावाद को बल मिला था कि अब इस समस्या का समाधान निकट भविष्य में हो जाएगा।