- मौके से बिज्जू, सियार और खरगोश आदि बरामद, वन्य जीव तस्करी का हुआ भंडाफोड़
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: करनावल के जंगल में वन्यजीवों की तस्करी करने का मामले का भंडाफोड़ हुआ है। जहां एक गिरोह के कुछ लोग क्षेत्र के जंगल से वन्यजीवों को पकड़कर उनकी तस्करी करके मोटी रकम ऐंठ रहे थे। कस्बे के लोगों की सूझबूझ से पूरा मामला पकड़ में आ गया।
जहां वन विभाग व पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते मौके पर छापा मारकर दो लोगों को हिरासत में लिया है तथा मौके से बिज्जू, सियार सहित कई वन्यजीव भी बरामद किए हैं। संबंध में वन्य जीव अधिनियम संरक्षण के तहत आरोपी खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

क्षेत्र के जंगलों में वन्यजीव पकड़कर उनकी तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पूरा मामला कस्बा करनावल से जुड़ा हुआ है। जहां नारंगपुर मार्ग पर स्थित बंद पड़े एक भट्टे पर कुछ बाहरी घुमंतू जाति के लोग निवास कर रहे थे। काफी समय से कस्बे के लोगों को सूचना मिल रही थी। यह गिरोह क्षेत्र के जंगल से वन्यजीवों को पकड़कर उनकी तस्करी करके महंगे दामों पर बाहरी लोगों को बेच रहे हैं।
किसी को लेकर शनिवार को कुछ लोग उक्त भट्टे पर पहुंचे जहां कुछ महिलाएं व बच्चे मौजूद थे। ग्रामीणों जांच पड़ताल के दौरान मौके पर सियार, बिज्जू, खरगोश और गीदड़ आदि मिले। जिनमें कुछ घायल थे तो कुछ मृत पड़े हुए थे। इसे लेकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। जिसके बाद यह सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस ने वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
जहां टीम भट्टे पर मौके पर पहुंची और मौके से दो मृत बिज्जू और एक सियार व घायल अवस्था में खरगोश आदि बरामद हुए। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। मामले को लेकर जहां हड़कंप मच गया। वहीं, वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन लोगों के पकड़ में आने पर साफ हो गया कि क्षेत्र से वन्यजीवों की तस्करी खुलेआम की जा रही है।

इस मामले में थाने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 39, 50 व 51 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों से मामले में सघन पूछताछ की जा रही है कि वे कहां तस्करी करते थे। इस संबंध में एसआई प्रवीण चौधरी ने बताया कि पूछताछ के बाद तस्करी करके मोटी रकम कमाने वाले गिरोह के अन्य लोगों को जांच पड़ताल करके धरपकड़ की जाएगी।
ये वन्यजीव तस्कर हुए गिरफ्तार
मामले में पुलिस व वन विभाग की टीम द्वारा मौके से शेर सिंह पुत्र चांद, भूरे पुत्र शेर सिंह निवासीगण कैराना गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि एक अन्य साथी मौके से भाग गए।
दिन में भीख, रात में तस्करी
घुमंतू जाति के इस परिवार के लोगों में लगभग पांच-छह पुरुष, चार-पांच महिलाएं व एक दर्जन के करीब बच्चे शामिल हैं। कस्बे के लोगों ने बताया कि दिन में कुछ लोग इनमें महाराज फकीर आदि का रूप धारण करके भीख मांगने का काम करते थे। जबकि रात के समय में यह परिवार वन्यजीवों को पकड़ने के साथ उनकी तस्करी करता था। कस्बे के लोगों ने यह भी बताया कि इनके पास बाहरी लोगों का काफी आना-जाना था।
लोगों की सूझबूझ से पकड़ में आया मामला
कस्बे के लोगों द्वारा लगातार रैकी करके इस मामले में पूरे मामले का पर्दाफाश किया गया है। इसका श्रेय कस्बे के जागरूक समाज के लोगों को जाता है। कुछ जागरूक समाज के लोगों ने इस पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए बेजुबान वन्यजीवों की तस्करी रोकने का काम किया है तो वहीं दूसरी ओर दोषियों को भी उनके किए की सजा मिल चुकी है।

