- सिसाना गांव में दिल्ली-सहारनपुर हाइवे निर्माण के बाद बनाया गया था नाला
- वाटर हार्वेसिस्टंग के लिए पहुंची टीम का एक परिवार ने किया विरोध
- महिलाओं को गिरफ्तार करते समय मानवता हुई शर्मसार, अर्द्धनग्न व्यवस्था में गाडी में डाला
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: सिसाना गांव में पानी निकासी को लेकर गुरूवार की दोपहर तीन घंटे तक काफी हंगामा चला। वाटर हार्वेसिस्टंग कार्य करने के लिए जेसीबी मशीन लेकर पहुंची टीम पर पथराव कर दिया, जिससे मशीन क्षतिग्रस्त हो गयी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस में हडकंप मच गया और पुलिस ने महिला को पकड़ाने का प्रयास किया, लेकिन महिला के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा।
महिला व उसके परिवार के लोगों ने पानी को धरती में पहुंचाने पर पानी को प्रदूषित होने का खतरा मानते हुए हंगामा किया था। जब महिला को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो वह नाले में कूद गयी। बाद में महिला पुलिस ने महिला काफी प्रयास करने के बाद निकाला, लेकिन फिर भी वह काबू में नहीं आयी।

आधा दर्जन पुलिस कर्मियों ने उसको जबरन जीप में डाल दिया। साथ ही परिजनों के साथ भी मारपीट करते हुए गाडी में डालकर कोतवाली ले आयी। वहीं महिला को गिरफ्तार करते समय मानवता शर्मशार हो गयी और अर्द्धनग्न व्यवस्था में ही उन्हें गाडी में डाल दिया गया।

सूचना मिलने पर एसडीएम व सीओ भी मौके पर पहुंच गए थे। सभी को शांतिभंग में चालान करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं टीम ने अपना कार्य शुरू कर दिया और पुलिस को तैनात कर दिया, ताकि वहां किसी भी तरह का हंगामा न हो सकें।

दिल्ली-सहारनपुर हाइवे का निर्माण कार्य चल रहा है और हाइवे पर स्थित सिसाना गांव में नाला निर्माण किया गया था, लेकिन वहां पानी निकासी का कोई भी रास्ता नहीं निकाला गया। इसके कारण हाइवे के दोनों तरफ जलभराव की समस्या रहती है और यहां पानी भरने के कारण ग्रामीणों व वहां रहने वाले परिवार के लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
पानी निकासी के लिए एनएचए के अधिकारियों दोनों तरफ वाटर हार्वेसिस्टंग कराने का निर्णय लिया है और दोनों तरफ दो-दो वाटर हार्वेसिस्टंग का कार्य 250 फीट गहरी पर करना है और यहां का वाटर लेवल 150 फीट की गहरी पर है, ताकि पानी प्रदूषित न हो। गुरूवार को जब टीम वाटर हार्वेसिस्टंग का कार्य करने के लिए पहुंची तो वहां पर एक परिवार ने इसका विरोध करते हुए जेसीबी मशीन पर पथराव कर शीशे तोड दिए और टीम को भगा दिया।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस में हडकंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार को शांत किया, लेकिन एक महिला के आक्रोश के चलते पुलिस को अपने कदम पीछे हटाने पड़े। मामले की सूचना एसडीएम अनुभव कुमार व सीओ ओमपाल सिंह को दी। दोनों अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
परिवार का आरोप था कि पानी जमीन में पहुंचाने से प्रदूषित हो जाएगा और इससे यहां बीमारी फैलने का खतरा होगा। वहां पानी को जमीन में नहीं जाने देंगे।
जिसके बाद महिला पुलिस कर्मियों ने उक्त महिला को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो वह नाले में कूद गयी। बाद में पुलिस कर्मियों ने काफी प्रयास करने के बाद बाहर निकाला तो वह घर में घुस गयी, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसके साथ मारपीट करते हुए जबरन गाडी में डाल दिया।
इसके अलावा महिला के परिजनों के साथ भी पुलिस ने मारपीट कर गाडी में डालकर उनको कोतवाली ले आयी। वहां चले तीन घंटे के हंगामा के बाद कार्य शुरू हो सका और वहां टीम ने वाटर हार्वेसिस्टंग का कार्य पुलिस की मौजूदगी में कर रही है, ताकि कोई हंगामा न हो सकें।
मानवता हुई शर्मशार, अर्द्धनग्न महिला को गाडी में डाला

सिसाना गांव में जिस समय महिला पुलिस कर्मी जबरन महिला को गाडी में डाल रही थी तो उसके कपड़े उतर गये, लेकिन किसी भी पुलिस कर्मी ने उसकी इज्जत का ख्याल तक नहीं रखा गया और अर्द्धनग्न व्यवस्था में ही उसके गाडी में डाल दिया गया। यहां गुरूवार को पूरी तरह से मानवता शर्मशार होते दिखायी दी। किसी भी महिला पुलिसकर्मी में मानवता तक नजर नहीं आयी। बस उनके अंदर तो महिलाओं व उसके परिवार के लोगों को गाडी के अंदर डालकर कोतवाली में लेकर जाना था। अधिकारी भी वहां खड़े हुए देखते रहे।

