- तीसरे दिन भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय धरना-प्रदर्शन
जनवाणी संवाददाता |
शामली: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शीर्ष उर्जा प्रबंधन के स्वेच्छाकारी एवं तानाशही रवैये का आरोप लगाते हुए अधीक्षण अभि्यंता कार्यालय पर विद्युत कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी रहा।
गुरुवार को अधीक्षण अभियंता कार्यलय परिसर में एक्सईएन उदय प्रताप की अध्यक्षता में विद्युत कार्मिकों एवं निविदा कर्मियों ने तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन किया। प्रमख मांगों में उर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के नकरात्मक कार्य प्रणाली से उर्जा निगमों के विभिन्न डिस्किॉमों आई भारी गिरावट के विरूद्ध उर्जा निगम प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही किए जाने, उप्र सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति को धता बताकर उर्जा निगमोंमें शीर्ष प्रबंधन स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार एवं फिजुल खर्जी को रोकने के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के मीटर के आदेश रद्द किए जाए। वर्ष 2008 के बाद उर्जा निगमों में सेवा में आए समस्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
उर्जा निगम के समस्त कार्मिकों की सुरक्षा के लिए पावर सेक्टर इम्प्लाइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। केरल में केएसईबी लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश में एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह उप्र के समस्य उर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपी एसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए। केंद्रों सार्वजनिक उपक्रमों की भांति उप्र के उर्जा निगमों के समस्त भत्तों का पुनरीक्षण किया जाए। उत्पादन निगमों में अप्रैल 2022 से लम्बित उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता तत्काल निर्गत किया जाने समेत 15 मांगे शामिल है।
कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करने वालों में अभियंता संघ से विनोद कुमार, रविंद्र प्रकाश, शो•िात कुरील, निशांत त्यागी, रवि कुामर, रोबिन सिंह, भूषण कुमार, अनुराग सक्सेना, जेई संगठन से सिकंदर यादव, राकेश कुमार, संदीप कुमार, विजय शंकर कुशवाहा, विकेश कुमार, अतुल पांडेय, कार्यालय सहायक संघ से संजीव कुमार, ललित कुमार, नीरज कुमार, अबजेंद्र कुमार के अलावा दीप कुमार, दरबार सिंह, संदीप कुमार, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे।

