Saturday, February 21, 2026
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दुनियाभर में सबसे अधिक तेजी से बढ़ रहा हिंदी का वर्चस्व, तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दुनिया में हिंदी भाषा का वर्चस्व तेजी से बढ़ रहा है। सन 1900 से 2021 के दौरान यानी 121 साल में हिंदी के बढ़ने की रफ्तार 175.52 फीसदी रही। यह अंग्रेजी की 380.71 फीसदी के बाद सबसे तेज है। अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।

वर्ष 1900 में यह दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में चौथे स्थान पर थी। स्टैटिस्टा के मुताबिक, उस समय मंदारिन पहले, स्पैनिश दूसरे व अंग्रेजी तीसरे पायदान पर थी। जैसे-जैसे देश तरक्की की राह पर बढ़ा, भारतीय भाषाओं और विशेषतः हिंदी की पूछ बढ़ती गई। लंबी यात्रा तय करने के बाद हिंदी वर्ष 1961 में स्पैनिश को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन गई।

तब दुनियाभर में 42.7 करोड़ लोग हिंदी बोलते थे। इनकी संख्या 2021 में बढ़कर 64.6 करोड़ पहुंच गई। यह संख्या उन 53 करोड़ लोगों के अतिरिक्त है, जिनकी मातृभाषा हिंदी है। अब तो यह शीर्ष-10 कारोबारी भाषाओं में भी शुमार है।

देश में 53 करोड़ की मातृभाषा हिंदी

देश में 43.63 फीसदी यानी 53 करोड़ लोगों की मातृभाषा हिंदी है। 13.9 करोड़ यानी 11% से अधिक की यह दूसरी भाषा है। 55% भारतीयों की मातृभाषा या दूसरी भाषा हिंदी है। दुनिया में 64.6 करोड़ हिंदी भाषी हैं।

गूगल पर 10 लाख करोड़ पन्ने हिंदी में

  • मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ने बताया कि गूगल पर सात साल में हिंदी सामग्री 94% की दर से बढ़ी है। गूगल पर 10 लाख करोड़ पन्ने हिंदी में उपलब्ध हैं।
  • दुनिया के 10 सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबारों में शीर्ष-6 हिंदी भाषी हैं।
  • भारत से बाहर 260 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है।
  • विदेश में 28 हजार से ज्यादा शिक्षण संस्थान हिंदी सिखा रहे हैं।
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