- श्रम कल्याण परिषद ने कारखाना व वााणिज्यिक प्रतिष्ठान पंजीकृत में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए चलाई योजना
- प्रदेश में 20500 कारखाने तो 65 हजार वाणिज्यिक प्रतिष्ठान पंजीकृत है, शासन ने श्रमिकों का पंजीकरण के दिए आदेश
- डा. एपीजी अब्दुल कलाम, गणेश शंकर विद्यार्थी, राजा हरिशचंद्र, ज्योतिबा फुले कन्यादान व दत्तोपंत ठेगडी योजना चालू
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: योगी सरकार ने अब श्रमिकों की तरफ अपना ध्यान देना शुरू कर दिया है और श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी करने तक में मदद के लिए योजनाओं का शुभारंभ कर दिया है, ताकि श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो न ही शादी में रूकावट तक पैदा हो।
क्योंकि श्रमिकों को मदद न मिलने के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था और सरकार ने यह योजना भी पूर्व राष्ट्रपति से लेकर राजा हरिशचंद्र के पर संचालन तक किया है। इतना ही नहीं श्रमिक की मृत्य होने पर महिला व बच्चों को अंत्येष्टी करने व आर्थिक सहायता तक दी जाएगी।
यह सहायता कारखाने व वााणिज्यिक प्रतिष्ठान पंजीकृत में कार्य करने वाले श्रमिकों को पंजीकृत होने के बाद ही मिलेगी। प्रदेश में 20500 कारखाने तो 65 हजार वाणिज्यिक प्रतिष्ठान पंजीकृत है तो बागपत जनपद में एक हजार के करीब प्रतिष्ठान तो पचास से अधिक कारखाने है।
इन सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है और अपर मुख्य सचिव ने जल्द से जल्द श्रमिकों को पंजीकृत करने के बाद लाभ देने के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में लाखों मजदूर कारखाने व प्रतिष्ठानों पर मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते है, लेकिन यदि उनकी हादसे में मत्यु हो जाती है तो परिवार के सामने संकट पैदा हो जाता है।
इतना ही वह अपने बच्चों को ठीक से पढ़ाई भी नहीं करा पाते है और शादी में भी काफी दिक्कत आती है। प्रदेश में 20500 पंजीकृत कारखना व 65 हजार वाणिज्यिक प्रतिष्ठान पंजीकृत है और जनपद में करीब पचास कारखाने तो एक हजार के करीब प्रतिष्ठान पंजीकृत है।
यहां पंद्रह हजार के करीब मजदूर कार्य भी करते है। प्रदेश की योगी सरकार ने पंजीकृत कारखानों व प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले श्रमिकों को अलग से लाभ देने के लिए विभिन्न योजना चलाई है, ताकि उनको योजना का लाभ देकर मदद की जा सकें।
योगी सरकार की योजना में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, बच्चों की शादी में मदद, श्रमिक की मौत होने पर परिवार की आर्थिक सहायता, मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार राशि देने आदि का आदेश जारी किया गया है, ताकि श्रमिकों के बेटे व बेटियों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
इसके लिए अपर मुख्य सचिव सुरेश चंद्रा ने भेजे आदेश में कहा कि योजना को तत्काल लागू की जाए और कारखानों व प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले श्रमिकों को पंजीकृत करने के बाद लाभ देना शुरू करें, ताकि उनको समय से लाभ मिल सकें। उन्होंने डीएम व मंडलायुक्त को आदेश भेजकर इसकी रिपोर्ट भी तलब की है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है।
बागपत में 36 हजार पंजीकृत मजदूरों को नहीं मिलेगा लाभ
श्रम विभाग ने जनपद बागपत में भट्ठों पर कार्य करने वाले 36 हजार मजदूरों को पंजीकृत कर रखा है, लेकिन इन मजदूरों को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि उनको योजना से बाहर रखा गया है। इनके लिए दूसरी योजना का संचालन किया जा चुका है। जिनका लाभ मजदूरों को दिया जा रहा है।
इन योजनाओं का मिलेगा नए पंजीकृत श्रमिकों का लाभ
- श्रमिकों के बेटे व बेटियों को प्राविधिक शिक्षा में प्रवेश लेने पर डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक शिक्षा सहायता
- मेधावी छात्र-छात्राओं को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार राशि योजना से से सहायता
- मृतक श्रमिकों की विधवा व आश्रितों को राजा हरिशचंद्र योजना से आश्रित सहायता
- श्रमिकों की बेटियों को कन्यादान के रूप में ज्योतिबा फुले कन्यादान योजना का लाभ
- मृतक श्रमिकों की विधवा व श्रमिकों को अंत्येष्टि के लिए आर्थिक सहायता को दत्तोपंत ठेंगडी मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना का लाभ
श्रम विभाग द्वारा जो योजना चलाई गयी है इसके लिए कारखाना व पंजीकृत प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजकर सूचना मांगी गयी है कि उनके यहां कितने श्रमिक कार्य करते है। सरकार की योजना को सभी श्रमिकों को पहुंचाकर लाभ दिया जाएगा, ताकि वह वंचित न रह सकें।
-एसपी सिंह, श्रम अधिकारी बागपत

