- युवक की मौत से पहले पिता-पुत्र में हुआ था झगड़ा
- पुलिस को सूचना दिए बिना ही गुपचुप थी अंतिम संस्कार की तैयारी
- मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: मंगलवार की शाम सरधना के कपसाड़ गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ग्रामीणों की माने तो युवक की मौत से कुछ समय पहले ही पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हुआ था। परिजन आनन-फानन में शव के अंतिम संस्कार की तैयारी में थे। पुलिस को युवक की हत्या की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। जांच पड़ताल के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी है।
कोतवाली क्षेत्र के कपसाड़ गांव निवासी मनीष पुत्र मनोज की मंगलवार की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शाम को ही परिजन युवक के शव का अंतिम संस्कार की तैयारी करने में लग गए। इस दौरान किसी ने पुलिस को सूचना कर दी कि युवक की पीट-पीटकर हत्या की गई है। सूचना मिलते ही रात को पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी है। इस संबंध में इंस्पेक्टर प्रताप सिंह का कहना है कि संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत हुई है। शव को पीएम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
युवक की मौत से पहले हुआ था झगड़ा
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि मनीष की मौत से पहले उसका अपने पिता किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। उसके कुछ देर बाद पता चला कि युवक की मौत हो गई है। गांव में युवक की हत्या की सूचना फैल गई। कुछ देर बाद बात चली कि छत से गिरकर युवक की मौत हो गई है। कुल मिलाकर युवक की मौत का कारण पता नहीं चल सका। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी है।
युवक के सिर में है चोट का निशान
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव की ध्यान से जांच की तो दिखाई दिया कि उसके सिर में चोट का निशान है। चोट का निशान छत से गिरने या सिर में कुछ लगने की बात सही स्पष्ट नहीं हो सकी।
भाडेÞ के बदमाशों से पत्नी ने करायी थी हत्या
मेरठ: मृतक आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी के लालच में पत्नी हत्यारिन बन गयी। आरोप है कि भाडेÞ के बदमाशों से नेत्रहीन पति की हत्या करा दी। पुलिस ने आरोपी पत्नी व हत्या में शामिल भाडेÞ के कुछ बदमाश भी उठा लिए हैं। मामला जानी क्षेत्र का है। एसके रोड स्थित पशु चिकित्सालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नरेन्द्र की भोला की नहर में लाश मिली थी। नरेन्द्र नेत्रहीन था। पशु चिकित्सालय में वह छोटा मोटा काम कर लेता था तथा आसपास चला जाता था। पत्नी पूनम के साथ वह पशु चिकित्सा अस्पताल के कैंपस में ही परिवार के साथ रहता था।
उसकी पत्नी ने थाना सिविल लाइन में गुमशुदगी दी थी। गुमशुदगी की तहरीर के चंद मिनट बाद वह दोबारा थाना सिविल लाइन जा पहुंची और पुलिस को बताया कि जानी नहर में उसके पति की लाश मिल गयी है। बस यहीं से नरेन्द्र की मौत के मामले में वह पुलिस के रडार पर आ गयी। नरेन्द्र की लाश जानी थाना क्षेत्र में मिली थी, इसलिए मामला थाना जानी शिफ्ट कर दिया गया। जानी पुलिस ने जब सुरागकशी शुरू की तो सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब नेत्रहीन था फिर नरेन्द्र जानी नहर तक कैसे पहुंच गया। बगैर किसी की मदद के तो वह रोड भी क्रास नहीं कर सकता था।
फिर एसके रोड स्थित पशु चिकित्सालय के कैंपस में मौजूद अपने घर परिवार से दूर वह कैसे जानी नहर तक जा पहुंचा। नरेन्द्र की मौत के मामले में आज पुलिस ने मृतक की पत्नी पूनम से पूछताछ की है। पूनम से जब चुभते हुए सवाल पूछने शुरू किए तो बताया जाता है कि उसने पुलिस को भरमाने व जांच को दूसरी तरफ भटकाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हत्या की इस गुत्थी और पुलिस के शक के दायरे से निकलने के प्रयास में उल्टे फंसती चली गयी। पुलिस के सीधे सवालों का उसके पास कोई जवाब नहीं था।
पुलिस पूछताछ में वह बहुत जल्दी टूट गयी और फिर पुलिस के सामने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उसने माना कि नरेन्द्र की हत्या की पीछे मृतक आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी के लालच ने उसको इस गुनाह के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं कि नरेन्द्र को रास्ते से हटाने के बाद सरकारी नौकरी खुद हासिल करना चाहती थी या परिवार के किसी अन्य सदस्य के लिए उसको यह नौकरी चाहिए थी।
बदमाश भी गिरफ्त में
जानी पुलिस ने थाना देहलीगेट के पूर्वा महावीर में मंगलवार देर रात एक मकान पर दबिश देकर चांद नाम के शख्स को उठा लिया। एसओ जानी प्रांजल त्यागी ने उसको पूछताछ के लिए उठाए जाने की बात स्वीकार की है। वहीं, दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो चांद भी भाडेÞ के उन बदमाशों में शामिल था जिन्होंने नेत्रहीन नरेन्द्र की हत्या की सुपारी ली थी। जानी पुलिस बुधवार को पूरे मामले का खुलासा करेगी।
ट्रैफिक सिपाही को ट्रक ने कुचला
मेरठ: परतापुर थाना के दिल्ली रोड खरखौदा मोड पर ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के सिपाही को तेज गति से जा रहे ट्रक ने चपेट में ले लिया। उनका पैर बुरी तरह से कुचल गया। टैÑफिक पुलिस के सिपाही बंगाली बाबू दिल्ली रोड पर खरखौदा मोड़ पर शाम को ड्यूटी पर थे। उसी दौरान तेज गति से आ रहे ट्रक ने उन्हें साइड मार दी। उन्होंने खुद को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन उसके बाद भी ट्रक उनके पैर पर चढ़ गया। वह बुरी तरह जख्मी हो गए। वहां काफी भीड़ जमा हो गयी।
वहां मौजूद स्टॉफ ने किसी प्रकार घायल बंगाली बाबू को संभाला। उन्हें तत्काल गाड़ी से अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने उनके पैर में गंभीर चोट की बात कही है। इंस्पेक्टर परतापुर जयकरण सिंह ने बताया कि बंगाली बाबू के पैर पर ट्रक चढ़ाने वाले चालक अशफाक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ट्रक सीज कर लिया गया है। ट्रैफिक के घायल सिपाही के परिजनों को भी हादसे की सूचना दी गयी है। सूचना के बाद परिवार के सदस्य भी रवाना हो गए हैं।

