- सर्वे: कारों के प्रति बढ़ गई दीवानगी
- पिछले साल के मुकाबले इस साल अगस्त में कारों की बिक्री में इजाफा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भले ही इस समय नौकरियों का टोटा हो, कोरोनाकाल की वजह से लोग अभी तक भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हों, र्इंधन के दामों में बढ़ोतरी हो रही हो और तो और मंहगाई का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ रहा हो, लेकिन इन सबसे परे आज के युवा अपनी शानो शौकत से कोई मोलभाव नहीं करना चाहते। यही कारण है कि आज के युवा की पहली पसन्द उसकी अपनी पर्सनल कार बन गई है।
यह दावा किया है एक इंडीपेंडेेंट सर्वे कम्पनी ने। कम्पनी का दावा है कि युवाओं में कारों के बढ़ते क्रेज के चलते ही इस साल अगस्त में वाहनों की बिक्री में उछाल आया है। इनमें सबसे ज्यादा उछाल कारों की बिक्री में दर्ज किया गया है। वाहन बनाने वाली कम्पनियों के संगठन ‘सोसायटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स’ ने जो आकंड़े जारी किए हैं उसमें पिछले साल अगस्त के मुकाबले इस साल अगस्त में कुल वाहनों की थोक बिक्री 21 प्रतिशत अधिक दिखाई गई है।
कम्पनी के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल अगस्त में जहां एक लाख आठ हजार 508 कारों की बिक्री हुई थी। वहीं, इस साल अगस्त में एक लाख 33 हजार 477 कारें बेची गर्इं। यानि कि इसमें कुल 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इसके अलावा यूटिलिटी वाहनों की थोक बिक्री में भी 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
अगर दोपहिया वाहनों की बात करें तो पिछले साल अगस्त में जहां 13 लाख 87 हजार 740 वाहन बिके। वहीं, इस साल अगस्त में 15 लाख 57 हजार 429 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। दोपहिया वाहनों में भी बाइक का क्रेज युवाओं में स्कूटर के मुकाबले अधिक दिख।
स्कूटर की बिक्री जहां पिछले साल के मुकाबले इस साल अगस्त में सिर्फ 10 प्रतिशत बढ़ी वहीं बाइकों ने कार को टक्कर देते हुए 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त जब सर्वे करने वाली कम्पनी ने कई नौकरी पेशा युवाओं से बात की तो उन्होंने खुलकर कहा कि अच्छे पैकेज के अलावा उन्होेंने उस नौकरी को ज्यादा तवज्जो दी जिसमें कम्पनी उन्हे कार प्रोवाइड करा रही थी।

