जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को एकादशी के अवसर पर भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसा उस समय हुआ जब मंदिर के प्रवेश द्वार पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में मचे हाहाकार से राज्यभर में शोक की लहर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए थे। तभी मंदिर के गेट के पास धक्का-मुक्की बढ़ने लगी और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे के बाद श्रीकाकुलम सहित पूरे राज्य में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क कर सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) पर लिखा “वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना से अत्यंत व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल श्रद्धालु जल्द स्वस्थ हों।”
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने जताई संवेदना
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने इस हादसे को “अत्यंत दुखद और हृदयविदारक” बताया। उन्होंने कहा “मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि घायलों को हरसंभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।”
मुख्यमंत्री नायडू ने दिए राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ अत्यंत दुखद है। श्रद्धालुओं की मृत्यु हृदयविदारक है। मैं सभी परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।”
उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि सभी घायलों का नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए। राहत और बचाव कार्यों की निगरानी स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से की जाए।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा — ‘यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है’
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा “काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना से मैं अत्यंत दुखी हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”
पूर्व सीएम जगन रेड्डी ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना को प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा “ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं — तिरुपति में वैकुंठ एकादशी और सिंहाचलम मंदिर में भी श्रद्धालुओं की मौतें हुई थीं। सरकार ने उनसे कोई सबक नहीं लिया। यह चंद्रबाबू नायडू सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाता है।”उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करे ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों।
डिप्टी सीएम पवन कल्याण बोले — “एक बच्चे की मौत ने झकझोर दिया”
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने घटना को “बेहद दुखद और असहनीय” बताया। उन्होंने कहा “भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के दौरान हुई भगदड़ में नौ श्रद्धालुओं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, की मौत बेहद पीड़ादायक है। सरकार घायलों के उपचार के लिए हर संभव कदम उठा रही है।” उन्होंने प्रशासन से अपील की कि राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।

