जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को रेलवे अधिकारी बताकर नियुक्ति पत्र और मेडिकल रिपोर्ट तक जारी कर दी, लेकिन जब पीड़ित ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो सारा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर निवासी अनूप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अप्रैल माह में गांव के ही रवि कुमार ने उसे विश्वास दिलाया कि उसकी पहचान दिल्ली रेलवे के बड़े अधिकारियों से है, जो गुप्त रूप से पैसे लेकर नौकरी लगवाते हैं। इसी बहाने उसने अनूप की मुलाकात तौसिफ उर्फ अमित राणा, मौ. अहमद और अतिफ राज से कराई। इनमें तौसिफ ने खुद को डीआरएम, मौ. अहमद ने मैकेनिकल इंजीनियर और अतिफ राज ने प्रशिक्षु अधिकारी संदीप कुमार बताया।बातचीत के बाद आरोपियों ने प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर रकम ऐंठनी शुरू की। अनूप सिंह ने किश्तों में मोबाइल से 3.20 लाख और नगद 2 लाख रुपये दिए। वहीं रिश्तेदार सतीश ने भाई अर्जुन की नौकरी के नाम पर 2.53 लाख, जबकि बाबूराम ने बेटे अंकुर की नौकरी के लिए 2.20 लाख रुपये दिए। इस तरह तीनों परिवारों से कुल 10 लाख 1 हजार रुपये ले लिए गए।विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और नियुक्ति पत्र भी दिए। पीड़ितों को नई दिल्ली डीआरएम ऑफिस तक ले जाकर बाहर बैठाया और खुद फरार हो गए। बाद में असली कर्मचारियों ने सभी कागजात फर्जी बताकर पीड़ितों को सच से अवगत कराया।अनूप सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि तौसिफ हाकम शाह कॉलोनी, मौ. अहमद और अतिफ राज भी स्थानीय निवासी हैं तथा रेलवे विभाग से उनका कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने तीनों ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

